नई दिल्ली. इस समय पूरा देश सावन के आगमन से भक्ति में सराबोर हो चुका है. शिव भक्तों के लिए सावन का महीना और शिवरात्रि का दिन इससे ज्यादा महत्व कुछ नही रखता. मंगलवार को कांवड़ यात्रा शिवरात्री का दिन होने की वजह से अपने चरम होगा. भगवान शिव को चल चढ़ाने वाले लोग बड़ी संख्या में सड़क पर होंगे. कांवड़ियों के दिल्ली-NCR की ओर बढ़ने से दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक दबाव बढ़ने की संभावना है.ऐसे में ट्राफिस को मैनेज करना बहुत बड़ी समस्या हो सकता है. इसी वजह से इसको लेकर एडवाइजरी जारी की जा चुकी है. आप भी घर से निकलने से पहले अपने इलाकों के शहरों के रूट के बारे में जानकारी हासिल कर लें. कहा गया है कि संभव हो तो सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल ज्यादा से ज्यादा करें.
सावन के शिव जी को जल चढ़ाने वाले कांवड़ियों का सड़क पर हुजूम देखने को मिल रहा है. लोग देर रात से ही भगवान को गंगाजल अर्पित करने के लिए निकल पड़े हैं. भक्तों की भारी संख्या में आवाजाही का सबसे ज्यादा असर जिन इलाकों पर पड़ा है उसमें दिल्ली से नोएडा, नोएडा से गाजियाबाद, दिल्ली से गाजियाबाद और दिल्ली से फरीदाबाद के बीच आने-जाने वाले राते हैं. भक्तों की भारी भीड़ की वजह से तमाम शहरों के प्रमुख रास्तों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो चुकी है. कई जगहों पर भारी जाम देखने को मिल रहा है.
शिव भक्तों की भीड़ कांवड़ लेकर यात्रा पर चलते हुए कालिंदी कुंज, नोएडा-दिल्ली बॉर्डर और आसपास के इलाकों से आगे बढ़ेगी ऐसे में ट्रैफिक के प्रभावित होने की पूरी आशंका है. दिल्ली के सरिता विहार, जसोला और नोएडा से जुड़े कई आस पास के इलाकों में सड़क जाम रहने का अनुमान है. जो भी अपनी गाड़ी से ऑफिस जाने के लिए निकलने वाले है वो आधा घंटा पहले निकलें. सड़क पर वाहन चालकों को जाम की वजह से एक्स्ट्रा टाइम लग सकता है. डीएनडी फ्लाईवे पर सुबह और शाम के समय ऑफिस आने और लौटने वालों की भीड़ होती है. ऐसे में कावर यात्रा के होने पर और भी जाम लगने की आशंका है. अगर आप इन रास्तों से गुजरते हैं तो बेहतर होगा कि वैकल्पिक रास्तों का चुनाव करें.

