
कहा- बहनों से मुलाकात कराना कोई एहसान नहीं, बल्कि उनका मौलिक अधिकार
Imran Khan, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अस्पताल भेजने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि इमरान को 48 घंटे में शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ट्रांसफर किया जाए। उनकी सेहत की जांच और इलाज के लिए मेडिकल बोर्ड भी बनाया जाएगा। अदालत का यह फैसला इमरान के गिरते स्वास्थ्य को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच आया है।
उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ और उनके परिवार के सदस्य काफी समय से उन्हें अस्पताल ले जाने की मांग कर रहे थे, जिसका अदालत ने संज्ञान लिया। कोर्ट ने इमरान की बहनों से मुलाकात को लेकर भी सवाल उठाया। जस्टिस शाहिद वहीद ने कहा कि बहनों से मुलाकात कराना कोई एहसान नहीं, बल्कि उनका मौलिक अधिकार है।
पिछले 3 साल से जेल में बंद है इमरान खान
अदालत ने पिछले तीन साल में इमरान और उनकी बहनों के बीच हुई सभी मुलाकातों की जानकारी मांगी। इमरान के बेटों से उनकी बातचीत और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जानकारी भी देने को कहा गया है। इमरान खान 3 साल से जेल में हैं। उन्हें अगस्त 2023 में भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किया गया था।
पूरी मेडिकल रिपोर्ट न मिलने पर कोर्ट ने जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अडियाला जेल प्रशासन से इमरान की पूरी मेडिकल रिपोर्ट मांगी। जस्टिस शाहिद वहीद ने इस पर नाराजगी जताई कि कोर्ट के सामने पूरी रिपोर्ट पेश करने के बजाय सिर्फ समरी दी गई है। तीन जजों की बेंच इमरान के इलाज और परिवार से मुलाकात से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। बेंच की अध्यक्षता जस्टिस शाहिद वहीद ने की। इसमें जस्टिस नईम अख्तर अफगान और जस्टिस इश्तियाक इब्राहिम शामिल थे।
मेडिकल रिपोर्ट में इमरान की सेहत को लेकर चिंता
कोर्ट में पेश की गई मेडिकल रिपोर्ट में इमरान खान की सेहत को लेकर चिंता जताई गई। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव, दिल की धड़कन तेज होने और काफी मानसिक तनाव की समस्या सामने आई। कोर्ट में पेश की गई मेडिकल रिपोर्ट में इमरान खान की सेहत को लेकर चिंता जताई गई।
इमरान के इलाज के लिए मेडिकल बोर्ड बनेगा
सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की सेहत की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड बनाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इमरान की बहन डॉ. उजमा खान और उनके निजी डॉक्टर को भी मेडिकल बोर्ड में शामिल करने को कहा है। मेडिकल बोर्ड में कई विशेषज्ञ डॉक्टर होंगे। वे मिलकर इमरान की पूरी जांच करेंगे और पुरानी मेडिकल रिपोर्ट भी देखेंगे।
जांच के बाद बोर्ड बताएगा इमरान को किस इलाज की जरूरत
इसके बाद डॉक्टर पता लगाएंगे कि उन्हें क्या परेशानी है, ब्लड क्लॉट क्यों बन रहा है और आगे कोई खतरा तो नहीं है। जांच के बाद बोर्ड बताएगा कि इमरान को किस इलाज की जरूरत है और उनका इलाज जेल में हो सकता है या अस्पताल में भर्ती कराना जरूरी है।
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