Jammu and Kashmir News: जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में LoC के पास लैंडमाइन डिफ्यूज करने के दौरान हुए विस्फोट में सेना के दो जवान घायल हो गए। घटना मेंढर सेक्टर के कांगा गली इलाके की है, जहां पेट्रोलिंग पार्टी को एक लैंडमाइन मिली थी। इसे निष्क्रिय करने के लिए विशेषज्ञों की टीम को बुलाया गया था, लेकिन डिफ्यूज किए जाने से पहले ही इसमें विस्फोट हो गया। दोनों घायल जवानों को तत्काल इलाज के लिए आर्मी अस्पताल ले जाया गया। सेना की पेट्रोलिंग पार्टी ने कांगा गली इलाके में इस लैंडमाइन को देखा था। इसके बाद इसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने के लिए बम डिस्पोजल विशेषज्ञों को मौके पर बुलाया गया। ऑपरेशन के दौरान अचानक लैंडमाइन फट गई, जिसकी चपेट में आने से दो जवान घायल हो गए।
LoC पर बिछी हैं एंटी-इन्फिल्ट्रेशन माइंस
LoC के अग्रिम इलाकों में घुसपैठ रोकने के लिए बनाए गए एंटी-इन्फिल्ट्रेशन ऑब्स्टेकल सिस्टम का एक हिस्सा लैंडमाइन बैरियर भी है। अधिकारियों के अनुसार भारी बारिश के दौरान जमीन के खिसकने और पानी के बहाव के कारण कुछ लैंडमाइन अपनी जगह से हट जाती हैं। ऐसी स्थिति में वे उन इलाकों में भी पहुंच सकती हैं, जहां पहले उनकी मौजूदगी नहीं थी, जिससे जवानों के लिए खतरा बढ़ जाता है। पुंछ और आसपास के LoC इलाकों में ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। जनवरी 2026 में भी पुंछ के बालाकोट सेक्टर में जंगल की आग के कारण कई लैंडमाइन में विस्फोट हुआ था।
नालवा देगवार तेरवां में मिला जिंदा विस्फोटक
इसी दौरान पुंछ के नालवा देगवार तेरवां इलाके में सड़क निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को एक जंग लगा हुआ जिंदा विस्फोटक मिला। अधिकारियों के अनुसार यह देखने में हैंड ग्रेनेड जैसा था। मजदूरों द्वारा इसकी सूचना दिए जाने के बाद सेना की बम डिस्पोजल स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया। टीम ने इलाके को सुरक्षित करते हुए विस्फोटक को नियंत्रित तरीके से नष्ट कर दिया। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
बारिश में बढ़ जाता है लैंडमाइन का खतरा
LoC के पहाड़ी इलाकों में मानसून के दौरान भारी बारिश, मिट्टी के कटाव और पानी के तेज बहाव से पुरानी लैंडमाइन के अपनी जगह से खिसकने का खतरा रहता है। अधिकारियों ने पूर्व में भी बताया है कि ऐसी विस्थापित माइनें पेट्रोलिंग रूट या दूसरे इलाकों में पहुंचकर अप्रत्याशित खतरा पैदा कर सकती हैं।

