कहा, कमजोर मानसून और अल नीनो का प्रभाव बढ़ा रहा अर्थव्यवस्था पर दबाव
Business News (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : वित्त मंत्रालय ने देश की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा है कि इस साल खराब मानसून और अल नीनो के प्रभाव का खरीफ की फसल पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार वर्षा के पैटर्न में अप्रत्याशितता बढ़ रही है, ऐसे में जल संरक्षण और ‘जल जीवन मिशन’ के बजटीय आवंटन का सही उपयोग अब नीति निमार्ताओं की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
वित्त मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया है कि भारत की कृषि मूल्य नीतियों में बदलाव की सख्त जरूरत है, ताकि जलवायु-अनुकूल फसलों की खेती को बढ़ावा दिया जा सके और अधिक पानी सोखने वाली फसलों को हतोत्साहित किया जाए। वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट यह आश्वस्त करती है कि वैश्विक झटकों के बावजूद भारत की व्यापक आर्थिक स्थिरता बरकरार है।
विदेशी ऋण निवेशक भारतीय बाजार में लौट आए हैं और वैश्विक ‘एआई-बबल’ की चिंताओं के बीच जल्द ही इक्विटी प्रवाह के भी सकारात्मक होने की उम्मीद है। हालांकि, दुनिया भर में जलवायु और भू-राजनीति से जुड़ी अस्थिर घटनाओं को देखते हुए, नीति निमार्ताओं को संभावित चुनौतियों से एक कदम आगे रहने के लिए लगातार सतर्क रहना होगा।
अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक चिन्ह
निर्यात का शानदार प्रदर्शन, लचीला एफडीआई प्रवाह और आरामदायक विदेशी मुद्रा भंडार बाहरी मोर्चे को मजबूत कर रहे हैं। इसके साथ ही पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति से ब्रेंट क्रूड की कीमतों में सुधार हुआ है, जिससे बाहरी और महंगाई के दबाव से बड़ी राहत मिली है। लंबे समय तक चले पश्चिम एशिया के संकट ने भारत के लचीलेपन की परीक्षा ली और यह याद दिलाया कि देश को महत्वपूर्ण कच्चे माल के लिए बफर स्टॉक पर एक राष्ट्रीय नीति बनाने की तत्काल आवश्यकता है।
वित्त मंत्रालय ने जारी किए यह आंकड़े
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ चुनिंदा हाई फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स घरेलू आर्थिक गतिविधियों की ताकत को दिखाते हैं। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में हल्की सुस्ती भी देखी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ई-वे बिल जेनरेशन, पीएमआई इंडेक्स, बिजली की खपत और आॅटोमोबाइल की बिक्री में लगातार तेजी बनी हुई है। वहीं इस सबके बावजूद कोर इंडस्ट्रीज, ईंधन की खपत, हवाई यात्री यातायात, उपभोक्ता विश्वास और श्रम बाजार से जुड़े कुछ संकेतकों में थोड़ी नरमी आई है।
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