चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यूपीएससी (यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन)-2025 की प्रतिष्ठित परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों का सम्मान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महत्वपूर्ण सफलता पंजाब की शिक्षा व्यवस्था की बढ़ती गुणवत्ता और राज्य के युवाओं की अथाह संभावनाओं को दर्शाती है।
भविष्य के अधिकारियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह देखकर बहुत खुशी होती है कि आम परिवारों के युवा कड़ी मेहनत, प्रतिभा और दृढ़ इरादे के साथ देश के सबसे महत्वपूर्ण पदों को प्राप्त कर रहे हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं में लड़कियों के शानदार प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियां महिला सशक्तिकरण का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं और यह भी साबित करती हैं कि बराबर अवसर बेटियों को हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने योग्य बनाते हैं।
शैक्षणिक सुधारों के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार हर विद्यार्थी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बराबर अवसर सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है। राज्य सरकार का सपना पंजाब के और युवाओं को लोक सेवा के उच्च और प्रतिष्ठित पदों पर पहुंचते देखना है।
इस मुलाकात के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज, मुझे उन होशियार उम्मीदवारों का विशेष रूप से सम्मान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ जिन्होंने प्रतिष्ठित यू.पी.एस.सी.-2025 परीक्षा पास करके पंजाब का मान बढ़ाया है। इन युवाओं से मेरी सार्थक बातचीत हुई। उनकी कड़ी मेहनत, समर्पण और लगन अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत है। मुझे पूरा विश्वास है कि ये आने वाले वर्षों में ईमानदारी, प्रतिबद्धता और समर्पित भावना के साथ देश और पंजाब की सेवा करेंगे। हमारा सपना है कि और युवाओं को उच्च और प्रतिष्ठित पदों पर देखना है और ‘आप’ सरकार इस सपने को साकार करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।”
पंजाब से यू.पी.एस.सी. परीक्षा-2025 पास करने वाले नए चुने गए आईएएस अधिकारियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के युवा अपनी शानदार उपलब्धियों के माध्यम से राज्य का मान बढ़ा रहे हैं। इन अधिकारियों ने प्रतिष्ठित यू.पी.एस.सी. परीक्षा पास की है और न केवल पंजाब बल्कि अपने माता-पिता का भी मान बढ़ाया है। इन युवाओं की सफलता हमारे विद्यार्थियों की अथाह क्षमता और शिक्षा क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलाव को दर्शाती है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह न तो पहली ऐसी उपलब्धि है और न ही आखिरी होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि ये अधिकारी आने वाले वर्षों में नए मील के पत्थर स्थापित करते रहेंगे और पंजाब का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने आगे कहा, “आम परिवारों के बच्चे साबित कर रहे हैं कि समर्पण, लगन और सही मार्गदर्शन के साथ किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनकी सफलता पूरे राज्य के लिए बहुत गर्व और संतोष की बात है। राज्य के इन बेटों और बेटियों ने अपनी योग्यता साबित की है और यह दिखाया है कि हर घर में सक्षम युवा हैं।”
विद्यार्थियों के शानदार प्रदर्शन को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियाँ शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के हर क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं और समाज के लिए तेजी से रोल मॉडल के रूप में उभर रही हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लड़कियों ने पंजाब के हर क्षेत्र में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करके अपनी योग्यताओं को साबित किया है। ये बेटियाँ असाधारण प्रतिभा और दृढ़ता का प्रदर्शन कर रही हैं। इनकी उपलब्धियाँ शक्तिशाली संदेश देती हैं कि बराबर अवसर और उत्साह के साथ लड़कियाँ अपनी इच्छा के अनुसार परिणाम हासिल कर सकती हैं।”
विद्यार्थियों की सफलता को पूरे राज्य के लिए बेहद गर्व और संतोष वाली बात बताते हुए मुख्यमंत्री ने इसे महिला सशक्तिकरण का स्पष्ट प्रतीक बताया। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार शिक्षा क्षेत्र को और अधिक मजबूत करने के लिए ठोस प्रयास कर रही है ताकि सामान्य परिवारों के बच्चों को भी अन्य बच्चों की तरह ऊँचाइयों को छूने के बेहतर अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा, “शिक्षा आने वाली पीढ़ियों को सशक्त बनाने और समृद्ध पंजाब के निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। पंजाब सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तथा यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी कि प्रत्येक बच्चे को सफल होने का समान अवसर मिले।”
अभिभावकों से अपने बच्चों पर विश्वास करने और उनके सपनों को साकार करने में सहयोग देने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक बच्चे में विशिष्ट प्रतिभाएँ और क्षमताएँ होती हैं, जिन्हें अपेक्षाओं के बोझ तले दबाने के बजाय निखारने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “माता-पिता को अपने बच्चों की क्षमताओं को पहचानना चाहिए और उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्हें ऐसे करियर चुनने के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए जिनमें उनकी रुचि न हो। जब बच्चों को अपने परिवारों से विश्वास और समर्थन मिलता है, तो वे बेहतर प्रदर्शन करते हैं और अपनी पूरी क्षमता के साथ मेहनत करते हैं।
सभी नव-नियुक्त अधिकारियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं और आशा व्यक्त की कि वे कड़ी मेहनत करते रहेंगे, समाज में सार्थक योगदान देंगे तथा पंजाब की प्रगति और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे। उन्होंने कहा, “पंजाब का भविष्य उज्ज्वल है क्योंकि इन युवा अधिकारियों की उपलब्धियाँ हमारे लोगों की प्रतिभा, दृढ़ता और आकांक्षाओं को दर्शाती हैं। मैं सभी को जीवन में और अधिक ऊँचाइयाँ प्राप्त करने की शुभकामनाएँ देता हूँ तथा उन्हें बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए कठोर परिश्रम करने का आह्वान करता हूँ।”
इस अवसर पर मुख्य सचिव के. ए. पी. सिन्हा तथा अनेक अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
