हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini आज चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में विभिन्न अंत्योदय योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को मासिक वित्तीय सहायता राशि जारी करेंगे। यह कार्यक्रम सुबह 10 बजे आयोजित होगा, जिसमें राज्य सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए चलाई जा रही योजनाओं के लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाएगी।
Information Public Relations and Languages Department Haryana की ओर से जारी सूचना के अनुसार, मुख्यमंत्री इस अवसर पर अंत्योदय योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता वितरण प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे। कार्यक्रम को राज्य सरकार की गरीब कल्याण नीतियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
हरियाणा सरकार राज्य के उन परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर दे रही है, जिनकी वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये से कम है। इन्हीं परिवारों के लिए कई अंत्योदय योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका उद्देश्य रोजगार, स्वरोजगार, सामाजिक सुरक्षा और आवास जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करना है।
सरकार की प्रमुख योजनाओं में Mukhyamantri Antyodaya Parivar Utthan Yojana शामिल है, जिसके तहत गरीब परिवारों की आय बढ़ाने के लिए कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए जाते हैं। वहीं Deen Dayal Upadhyay Antyodaya Parivar Suraksha Yojana के माध्यम से परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु या स्थायी विकलांगता की स्थिति में आर्थिक सहायता दी जाती है।
इसके अलावा Haryana Antyodaya Parivar Parivahan Yojana के तहत पात्र परिवारों को हरियाणा रोडवेज की बसों में हर वर्ष 1000 किलोमीटर तक मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है। सरकार ने अंत्योदय परिवार 2.0 योजना के माध्यम से स्वरोजगार के लिए ऋण, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया है।
गरीब परिवारों के मकानों की मरम्मत और नवीनीकरण के लिए Dr BR Ambedkar Awas Navinikaran Yojana के तहत 80 हजार रुपये तक की सहायता दी जाती है। वहीं मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के अंतर्गत मुर्गीपालन से जुड़ी पहल में पात्र लाभार्थियों को निःशुल्क 50 चूजे और जरूरी उपकरण उपलब्ध करवाए जाते हैं, ताकि वे घर बैठे आय का साधन विकसित कर सकें।
सरकार का दावा है कि इन योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना भी है। आज के कार्यक्रम को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

