नई दिल्ली. भारतीय एथलीटों से इस बार के कॉमनवेल्थ गेम्स में पिछली बार के रिकॉर्ड को तोड़ने की उम्मीद की जा रही है. इसकी शुरुआत पहले दिन ओपनिंग सेरेमनी होने से पहले ही हो गई. भारत ने अभियान की आधिकारिक शुरुआत से पहले ही पहला पदक पक्का हो गया. ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने महिला 75 किलोग्राम बॉक्सिंग इवेंट में कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित कर लिया है. अब वह 31 जुलाई को सेमीफाइनल में टीकेबीपी ताफाकी से भिड़ेंगी.
भारतीय महिला मुक्केबाज लवलीना को महिला 75 किलोग्राम वर्ग के पहले राउंड में बाय दे दिया गया. इवेंट में पांच मुक्केबाज होने की वजह से उनको पहले दौर में बाय मिला. इस बाय मिलने की वजह से लवलीना सीधा सेमीफाइनल में पहुंच गई. ऐसे में उन्होंने भारत के लिए एक मेडल तो पक्का कर लिया. कॉमनवेल्थ गेम्स के नियमों के अनुसार सेमीफाइनल जो दो खिलाड़ी हार जाती हैं उनको भी कांस्य पदक मिलता है. इसी वजह से लवलीना बिना रिंग में उतरे ही पदक की दावेदार बन गई हैं.
The wait is over! 🌟🇮🇳
The Commonwealth Games 2026 begin today as Glasgow comes alive with the spectacular Opening Ceremony! 🎉
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📅 24 July 2026
🕥 12:00 AM IST
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देश के लिए ओलंपिक पदक जीत चुकी लवलीना की मेडल लिस्ट में कॉमनवेल्थ गेम्स का पदक ही हासिल करना बाकी था. उन्होंने अपने शानदार करियर में टोक्यो ओलंपिक का कांस्य पदक हासिल कर देश का सम्मान बढ़ाया था. लवलीना के नाम वर्ल्ड चैंपियनशिप का गोल्ड मेडल और एशियाई चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक भी है. अब वह 31 जुलाई को सेमीफाइनल में टीकेबीपी ताफाकी से भिड़ेंगी. इस मुकाबले में जीत दर्ज करते ही वह स्वर्ण पदक के मुकाबले में पहुंच जाएंगी.
लवलीना भारत के लिए सिर्फ पहला पदक ही नहीं लेकर आई हैं. ग्लासगो में होने वाले उद्घाटन समारोह में वह भारतीय दल की बैटन बेयरर (ध्वजवाहक दल की प्रतिनिधि) की भूमिका भी निभाएंगी.
बॉक्सिंग में भारत की उम्मीदें सिर्फ लवलीना तक सीमित नहीं हैं. मौजूदा विश्व चैंपियन जैसमीन लांबोरिया (57 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किग्रा) और अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) भी पदक की मजबूत दावेदार हैं. पुरुष वर्ग में नरेंद्र बरवाल (+90 किग्रा) और सचिन सिवाच (60 किग्रा) से भी भारत को पदक की उम्मीद है.
बर्मिंघम 2022 की तुलना में इस बार भारत ने 125 खिलाड़ियों का छोटा दल भेजा है. वित्तीय कारणों और मेजबान शहर में बदलाव के चलते इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में केवल 10 खेलों को शामिल किया गया है. बैडमिंटन, हॉकी, कुश्ती और टेबल टेनिस जैसे भारत के मजबूत खेल इस बार कार्यक्रम का हिस्सा नहीं हैं. ऐसे में भारत को पदकों के लिए मुख्य रूप से एथलेटिक्स, बॉक्सिंग और वेटलिफ्टिंग पर भरोसा रहेगा।

