Delhi Property Dealer Murder: दिल्ली के नरेला इलाके में गुरुवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब जिम से बाहर निकल रहे एक प्रॉपर्टी कारोबारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात बाकनेर इलाके में सुबह करीब 6 बजे हुई। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक की पहचान सोनीपत के राई क्षेत्र के गांव नाहरी निवासी प्रमोद कुमार के रूप में हुई है।
प्रमोद रोज की तरह सुबह-सुबह नरेला के बाकनेर स्थित जिम पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि जैसे ही वह जिम से बाहर निकले, 3 हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया। हमलावरों ने करीब से गोलीबारी की और वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए। गोली लगने के बाद प्रमोद को संभलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस अब घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों के जरिए हमलावरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
लगातार मिल रहे थे रंगदारी के कॉल
बताया जा रहा है कि प्रमोद कुमार को पिछले कुछ दिनों से रंगदारी के लिए फोन किए जा रहे थे और जान से मारने की धमकियां भी मिल रही थीं। खतरे को देखते हुए वह अपने एक दोस्त की बुलेटप्रूफ गाड़ी से आवाजाही करते थे। इन धमकी भरे कॉल और हत्या के बीच सीधा संबंध भी हो सकता है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या हत्या के पीछे रंगदारी, कारोबारी विवाद या कोई पुरानी रंजिश थी।
सोनीपत में कारोबार से जुड़े थे प्रमोद
प्रमोद कुमार मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत जिले के राई क्षेत्र के गांव नाहरी के रहने वाले बताए जा रहे हैं। वह ‘मुकुल प्रॉपर्टी’ नाम से प्रॉपर्टी का कारोबार करते थे। इसके अलावा गांव में ‘मुकुल गार्डन’ नाम से उनका बैंक्वेट हॉल भी बताया जा रहा है। दिल्ली-हरियाणा सीमा से जुड़े इलाके में प्रॉपर्टी कारोबार करने के कारण पुलिस उनके कारोबारी संपर्कों, लेन-देन और हाल के विवादों की भी जानकारी जुटा सकती है। यही जांच हत्या के मकसद तक पहुंचने में अहम हो सकती है।
मौके पर जुटी भीड़, पुलिस से नोकझोंक
हत्या की खबर फैलते ही घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। परिजनों और स्थानीय लोगों में घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक भीड़ ने पुलिस के सामने विरोध जताया और शव को मौके से उठाने का विरोध किया। लोगों की नाराजगी का एक बड़ा कारण यह भी बताया जा रहा है कि मृतक को पहले से धमकियां मिलने की बात सामने आई थी। ऐसे में अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या पुलिस को इन धमकियों की पहले से जानकारी थी और क्या प्रमोद ने किसी स्तर पर सुरक्षा या शिकायत की थी।

