SIR Survey Delhi 2026: दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान एक बड़ा अपडेट सामने आया है। चुनाव अधिकारियों के अनुसार राजधानी के करीब 15 से 20 प्रतिशत वोटर्स अपने रजिस्टर्ड पते पर नहीं मिले हैं, जिसके कारण उनके नाम आगामी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटने का खतरा पैदा हो गया है। दिल्ली में वर्तमान में करीब 1.45 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें से लगभग 29 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हट सकते हैं। हालांकि अंतिम संख्या ड्राफ्ट रोल जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। अधिकारियों का कहना है कि इसका प्रमुख कारण दिल्ली में रहने वाली बड़ी प्रवासी आबादी है, जो अक्सर किराये के मकान बदलती रहती है, लेकिन अपने वोटर कार्ड में नया पता अपडेट नहीं कराती है।
BLO के घर-घर सर्वे में सामने आई स्थिति
SIR की प्रक्रिया के लिए बूथ लेवल ऑफिसर पिछले कई हफ्तों से घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं। इस दौरान कई मामलों में BLO को मतदाता अपने रजिस्टर्ड पते पर नहीं मिले। कई जगह पड़ोसियों या मकान मालिकों ने जानकारी दी कि संबंधित मतदाता कई महीने या साल पहले ही वहां से जा चुके हैं। ऐसे मामलों में BLO मतदाता को स्थायी रूप से स्थानांतरित (Permanently Shifted) के रूप में दर्ज कर रहे हैं, जिसके बाद उनका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो सकता है। ऐसे लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हट सकते हैं।
पता बदलने वालों के लिए Form 6 का विकल्प
जिन मतदाताओं ने अपना निवास स्थान बदल लिया है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार वे नए पते पर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए Form 6 भर सकते हैं। मतदाता 17 अगस्त से 16 सितंबर तक चलने वाली दावे और आपत्तियों की अवधि के दौरान Form 6 जमा कर सकते हैं। आवेदन ऑनलाइन वोटर सर्विस पोर्टल, वोटर हेल्पलाइन ऐप या ऑफलाइन BLO और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) के माध्यम से किया जा सकता है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदाता का नाम नए पते वाली वोटर लिस्ट में शामिल कर दिया जाएगा और पुराने पते से हटा दिया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि एक व्यक्ति का नाम केवल एक ही स्थान की मतदाता सूची में दर्ज रहे।
66 लाख से ज्यादा वोटर्स ने जमा किए फॉर्म
दिल्ली में जारी SIR प्रक्रिया के तहत अब तक बड़ी संख्या में मतदाताओं ने अपने सत्यापन फॉर्म जमा किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार 25 जुलाई रात 8 बजे तक 66 लाख से अधिक मतदाताओं के फॉर्म जमा और डिजिटाइज किए जा चुके हैं, जो कुल मतदाताओं का लगभग 45.5 प्रतिशत है। जिलों के हिसाब से देखें तो आउटर नॉर्थ जिले में डिजिटाइजेशन की दर सबसे अधिक 57.55 प्रतिशत रही। इसके बाद साउथ वेस्ट 53.55 प्रतिशत, वेस्ट 50.11 प्रतिशत और नॉर्थ वेस्ट 49.67 प्रतिशत रहे। वहीं साउथ ईस्ट जिले में यह दर सबसे कम 29.95 प्रतिशत दर्ज की गई।
कब जारी होगा ड्राफ्ट और फाइनल वोटर लिस्ट?
वोटर लिस्ट का घर-घर सत्यापन अभियान 30 जून से शुरू हुआ था और 8 अगस्त तक जारी रहेगा। इस दौरान BLO मतदाताओं से पहले से भरे हुए एन्यूमरेशन फॉर्म प्राप्त कर रहे हैं, जिसमें मतदाताओं को अपनी जानकारी की जांच कर हस्ताक्षर के साथ वापस जमा करना होता है। सत्यापन के बाद योग्य मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल किए जाएंगे। ड्राफ्ट मतदाता सूची 17 अगस्त को जारी होने की संभावना है, जबकि अंतिम मतदाता सूची 19 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी। किसी वोटर का नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं होता है, तो वह संबंधित जिले के जिला निर्वाचन अधिकारी के पास अपील कर सकता है।
18 साल पूरे करने वाले युवा कर सकते हैं आवेदन
जो युवा 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेंगे, वे भी मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए Form 6 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज और निर्धारित घोषणा पत्र जमा करना होगा। चुनाव अधिकारियों ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने नाम और पते की जानकारी समय रहते जांच लें, ताकि चुनाव के समय मतदान के अधिकार से जुड़ी किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

