लघु सचिवालय स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सभागार में मंगलवार को उपायुक्त महेंद्र पाल की अध्यक्षता में पीएनडीटी तथा एनकोर्ड की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त ने ड्रग कंट्रोल विभाग को मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच करने के निर्देश देते हुए कहा कि बिना डॉक्टर की पर्ची के ऐसी दवाइयों की बिक्री पर रोक लगाई जाए, जिनका दुरुपयोग नशे के रूप में किया जा सकता है। इसके साथ ही सभी मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी कैमरे सुनिश्चित किए जाएं ताकि आवश्यकता पड़ने पर रिकॉर्ड की जांच की जा सके।
एनकार्ड बैठक में उपायुक्त को अवगत करवाया गया की गत माह पुलिस विभाग द्वारा 30 केस दर्ज किए गए हैं। ड्रग एडिक्शन से संबंधित ओपीडी में 2741 लोगों की जांच की गई हैं। बैठक में नशा मुक्त भारत अभियान की प्रगति, डी-एडिक्शन सेंटरों की स्थिति, जागरूकता कार्यक्रमों तथा एनडीपीएस मामलों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता एवं काउंसलिंग कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने पुलिस व अन्य संबंधित विभागों को नशे के हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर विशेष अभियान चलाने तथा नशे की सप्लाई चेन पर प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। साथ ही जिला न्यायवादी कार्यालय के प्रतिनिधियों को नशे से जुड़े मामलों की अदालत में मजबूत पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक के दूसरे सत्र में पीएनडीटी एवं एमटीपी एक्ट के तहत की जा रही कार्रवाई, जिले के लिंगानुपात और जागरूकता गतिविधियों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को पीएनडीटी मामलों में रेड करने के निर्देश दिए। उन्होंने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे लिंग जांच संबंधी किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना प्रशासन को दें। असंतुलित लिंगानुपात वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने तथा संबंधित कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में बरवाला एसडीएम अश्वीर नैन, सिविल सर्जन डॉ सपना गहलावत, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र कुमार, उप सिविल सर्जन डॉ सुभाष खतरेजा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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