Haryana Jobs and Industrial Hubs News: अगर आप नौकरी या नया बिजनेस शुरू करने के लिए गुरुग्राम या दिल्ली-एनसीआर की तरफ भागने की सोच रहे हैं, तो रुक जाइए. हरियाणा सरकार अब आपके दरवाजे तक करोड़ों रुपये का निवेश लेकर आ रही है. महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में ‘हैपनिंग हरियाणा 2.0’ अंतरराष्ट्रीय आउटरीच आयोजित किया गया. इसके दूसरे दिन राज्य सरकार ने 66,000 करोड़ रुपये से अधिक के औद्योगिक समझौता प्रस्तावों (MoU) पर हस्ताक्षर किया.
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के लोगों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया. उन्होंने लोगों की गुरुग्राम जैसे मिलेनियम शहर पर से निर्भरता कम करने के लिए राज्य में वैसी ही शहरों के विकास लिए ₹66,000 करोड़ के इन्वेस्टमेंट पर साइन किया. उनके साथ वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह की मौजूदगी में ये ऐतिहासिक समझौता हुआ. उन्होंने बताया कि राज्य में औद्योगिक विकास सिर्फ एक या दो शहरों तक सीमित नहीं रहेगा.
पूरे राज्य में बिछेगा उद्योगों का जाल
अब तक हरियाणा का मतलब औद्योगिक रूप से सिर्फ गुरुग्राम या फरीदाबाद तक ही सीमित माना जाता था, लेकिन अब यह तस्वीर बदलने वाली है. राज्य सरकार अब निवेश को पूरे हरियाणा में समान रूप से फैलाना चाहती है. मुख्यमंत्री का मास्टरप्लान है कि हर जिले की अपनी एक अलग ‘इंडस्ट्रियल पहचान’ बने. इसके लिए भूमि, कौशल और कनेक्टिविटी को जोड़कर राज्य को उद्योगों के हिसाब से चार हिस्सों में बांटा जा रहा है:
- उत्तर हरियाणा: इस क्षेत्र को विशेष रूप से फूड प्रोसेसिंग, फार्मास्युटिकल्स, वैज्ञानिक उपकरण और लॉजिस्टिक्स का बड़ा हब बनाया जाएगा.
- मध्य हरियाणा: यह इलाका इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल और वेयरहाउसिंग का मुख्य केंद्र बनकर उभरेगा.
- दक्षिण हरियाणा: यहां आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ई-मोबिलिटी, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग पर जोर दिया जाएगा.
- पश्चिम हरियाणा: इसे एग्रो-इंडस्ट्री, रिन्यूएबल एनर्जी, टेक्सटाइल और एक्सपोर्ट ओरिएंटेड यूनिट्स के लिए विकसित किया जाएगा.
फाइल नहीं, प्रोजेक्ट आगे बढ़ाने में है विश्वास
मुंबई के वित्तीय और कॉरपोरेट क्षेत्र के प्रतिनिधियों, निवेशकों और विभिन्न देशों के महावाणिज्य दूतों को संबोधित करते हुए सीएम सैनी ने कहा-
हरियाणा सरकार केवल वादे नहीं करती. उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “हमारी सरकार फाइल मूवमेंट पर नहीं, बल्कि प्रोजेक्ट मूवमेंट पर विश्वास करती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है और हरियाणा इस विकास का एक महत्वपूर्ण ‘ग्रोथ इंजन’ है. देश के कुल क्षेत्रफल का मात्र 1.3 प्रतिशत होने के बावजूद, हरियाणा राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में लगभग 3.6 प्रतिशत का मजबूत योगदान दे रहा है.
सरकार की 5 बड़ी गारंटियां
सरकार द्वारा हस्ताक्षर किए गए इस मेमोरेंडम में उद्योगों को आकर्षित करने के लिए 5 प्रमुख गारंटियां दीं गई हैं, ताकि कोई भी कंपनी इनवेंस्ट करने से घबराए नहीं. जैसे कि
- नीतिगत स्थिरता (Policy stability).
- समयबद्ध फैसले और तत्काल मंजूरियां.
- प्रोजेक्ट्स को धरातल पर उतारने में सरकार का सक्रिय सहयोग.
- उद्योगों की जरूरत के हिसाब से स्किल डेवलपमेंट और बेहतरीन कनेक्टिविटी.
- निवेश को सीधे तौर पर स्थानीय रोजगार, एसएसएमई, इनोवेशन और क्षेत्रीय विकास से जोड़ना.
