नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल की कोलंबो टेस्ट की पहली पारी में खेली गई पारी ने हर किसी का दिल जीत लिया. मुश्किल में आकर उस युवा ने सेंचुरी ठोकी और टीम क 500 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में ध्रुव जुरेल ने नाबाद 115 रन की शानदार पारी खेलकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. उनके शतक की सबसे खास बात सिर्फ बल्लेबाजी नहीं थी. उन्होंने इस सेंचुरी को जमाने के बाद जब इसका सेलिब्रेशन किया तो मैच देखने वाले हर एक दर्शक की नजर जम गई. सब उनकी बांह पर बने टैटू को ही देख रहे थे. मैच के बाद इस टैटू की कहानी ध्रुव जुरेल ने खुद सुनाई.
श्रीलंका के खिलाफ मुश्किल में आकर ध्रुव जुरेल ने शानदार शतक जमाया. भारतीय टीम ने दूसरे दिन आखिरी सेशन में पहली पारी को 9 विकेट पर 503 रन पर घोषित किया. टीम इंडिया की पारी में दो शतक लगे. पहली सेंचुरी देवदत्त पडिक्कल ने जमाया जबकि दूसरा सैंकड़ा ध्रुव जुरेल के बल्ले से निकला.
“जय जवान, जय किसान”
🗣️ My grandfather was a farmer and my father, a soldier.🫡
Dhruv Jurel reveals the reason behind the special celebration and the tattoo on his arm after reaching his 💯 👌#TeamIndia | #SLvIND | @dhruvjurel21 pic.twitter.com/pQlM1r84hN
— BCCI (@BCCI) August 24, 2026
शतक पूरा करने के बाद जुरेल ने अपने बाएं बाइसेप पर बना ‘जय जवान, जय किसान’ टैटू दिखाकर खास अंदाज में जश्न मनाया.जुरेल ने बताया कि इस टैटू के पीछे उनके परिवार और उनकी जड़ों की कहानी है. उन्होंने कहा कि उनके दादा किसान थे, जबकि पिता सेना में रहे हैं. वह अपनी जड़ों को कभी नहीं भूलना चाहते और इसी वजह से इस टैटू को बनवाया. अपने इस खास शतक को ध्रुव ने पिता और दादा को समर्पित किया.
ध्रुव जुरेल ने भारतीय टीम को चौथा झटका लगने के बाद मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ पहली पारी में कदम रखा था. देवदत्त पडिक्कल 117 रन की पारी खेलने के बाद जब आउट हुए तो टीम इंडिया का स्कोर 281 रन था. उन्होंने 177 बॉल पर 9 चौके और 2 छक्के की बदौलत 115 रन की नाबाद पारी खेली. ऋषभ पंत के साथ सातवें विकेट के लिए 112 रन जोड़े. मानव सुथार के साथ मिलकर 39 रन जोड़े और फिर मोहम्मद सिराज के साथ 31 रन की अहम साझेदारी निभाई. निचले क्रम के साथ मिलकर टीम को 500 रन के पार पहुंचाया.

