ग्रेटर नोएडा : ग्रेटर नोएडा के ग्राम नंगली वाजीदपुर, सेक्टर-135 में एक गंभीर भूमि विवाद सामने आया है। यहां दबंगों ने प्रशासन की मिलीभगत से दो किसानों के प्लॉट (खसरा नंबर 204) पर अवैध कब्जा करने और रात के अंधेरे में अवैध निर्माण कर लिया है। पीड़ित पक्ष ने पटवारी और संबंधित अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई है।
पीड़ित पक्ष ने क्या कहा
पीड़ित प्रार्थी दशरथ चौहान पुत्र भुले सिंह और तारा पुत्र राजवीर सिंह ने सीएम को लिखे अपने पत्र में बताया कि ललित नामक के व्यक्ति ने अपना प्लॉट प्रशांत और रंजीत यादव नाम के दबंगों को बेच दिया था। उस प्लॉट के साथ ही पीड़ित किसानों की भी जमीन थी, दबंगों ने खरीदी हुई जमीन से लगती हुई किसानों की जमीन पर भी प्रशासन से मिलीभगत कर अवैध रूप से कब्जा कर लिया और अवैध निर्माण कार्य चालू कर दिया। पीड़ित किसानों बताया कि उन्होंने कई बार पुलिस, सीएम पोर्टल और ईमेल के माध्यम से उनके साथ हो रहे अन्याय की शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। मजबूरन उन्होंने एसडीएम कोर्ट में कुराबंदी (नाप-तोल) के लिए मुकदमा दायर किया।
SDM का स्टे ऑर्डर और पटवारी की रिपोर्ट
- 31 जनवरी 2026 को माननीय एसडीएम ने स्टे ऑर्डर पारित किया।
- इसके बावजूद 8 मार्च 2026 को विपक्षी पक्ष ने निर्माण कार्य कराया।
- एसडीएम ने पटवारी को निष्पक्ष नाप-तोल कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए। पटवारी ने मौके पर नाप की और पाया कि ललित पक्ष के नाम लगभग 1500 गज भूमि है, जबकि वे 2100 गज पर कब्जा किए हुए हैं (जिसमें प्रार्थियों की जमीन भी शामिल बताई गई)।
पीड़ित किसानों ने मांग की है कि दोनों पक्षों के बेनामे (सीमाएं) की फिर से निष्पक्ष नाप की जाए। उन्होंने दावा किया कि उनके सभी दस्तावेज (रजिस्ट्री) प्लॉट पर बने हुए हैं, जबकि विपक्षी पक्ष की बेनामे खाली जमीन पर हैं।
पीड़ित पक्ष ने ये आरोप लगाए ?
- विपक्षी पक्ष ने रात में तोड़फोड़ कर 600 गज अतिरिक्त जमीन पर कब्जा कर लिया (वीडियो उपलब्ध होने का दावा)।
- पटवारी ब्रिजेश विकल्प (तहसील सदर) दूसरी पार्टी से मिलीभगत कर रहे हैं। उन्हें विपक्षी पक्ष के पास आते-जाते और मोबाइल लोकेशन से भी देखा गया।
- पटवारी बार-बार गोलमोल रिपोर्ट दे रहे हैं और स्पष्ट रिपोर्ट नहीं प्रस्तुत कर रहे हैं।
- 10 अप्रैल 2026 को तीसरी बार नाप की गई (रिकॉर्डिंग उपलब्ध), लेकिन 13 अप्रैल 2026 को सुनवाई की तारीख पर भी रिपोर्ट नहीं दी गई।
- विपक्षी पक्ष आर्थिक रूप से सक्षम और प्रभावशाली लोगों से जुड़ा होने के कारण प्रार्थियों पर झूठी एनसीआर दर्ज कराई गई और भय का माहौल बनाया गया।
- निर्माण कार्य मुख्य रूप से रात में हो रहा है, जिससे प्रार्थियों का परिवार मानसिक रूप से परेशान है।
पीड़ित किसानों की मुख्यमंत्री से गुहार :
- SDM सदर और पटवारी को निर्देश दें कि प्रार्थना पत्र को 16 अप्रैल 2026 तक बिना देरी के निपटाया जाए।
- पीड़ित किसानों के प्लॉट से निर्माण कार्य तुरंत हटाया जाए
- प्रार्थियों को उनकी वैध जमीन का कब्जा और कुराबंदी दिलाई जाए।
यह मामला स्थानीय प्रशासन में देरी, कथित मिलीभगत और छोटे किसानों की संपत्ति की सुरक्षा से जुड़ा है। प्रभावित पक्ष ने वीडियो, रिकॉर्डिंग और दस्तावेज होने का दावा किया है। मामले में कई बार सीएम पोर्टल, डीएम और पुलिस में शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। वे खुद जनसुनवाई केंद्र में भी पहुंचे। जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर, उप जिलाधिकारी (SDM) तहसील सदर और सिविल पुलिस उपयुक्त को भी इस बारे में अवगत करवाया गया लेकिन पीड़ित किसानों को कहीं से भी मदद नहीं मिली। अब पीड़ित किसानों ने सीएम योगी आदित्यनाथ से इस बारे में दखल देकर न्याय की गुहार लगाई है।
