Indian Bank देशभर में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए एक नए प्लान पर काम कर रहा है। बैंक चालू वित्त वर्ष में मध्य और पश्चिमी भारत में अपनी शाखाओं के विस्तार के तहत 100 नई शाखाएं खोलेगा। साथ ही, बिजनेस ग्रोथ को बढ़ावा देने और रिटायर होने वाले कर्मचारियों की जगह लेने के लिए 2,500 नए कर्मचारियों की भर्ती भी करेगा।
पिछले साल 100 नई शाखाएं खुलीं
इंडियन बैंक के MD और CEO बिनोद कुमार ने पीटीआई से कहा, ”पिछले साल हमने 100 शाखाएं खोली थीं। इस साल भी हमारा इसी तरह का प्लान है। हमारे स्थापना दिवस, 15 अगस्त के दिन बैंक ने देश भर में 15 शाखाओं का उद्घाटन किया।” 30 जून, 2026 तक इंडियन बैंक की देश में 6,003 शाखाएं और विदेश (सिंगापुर, कोलंबो और जाफना) में तीन शाखाएं थीं। साथ ही, गांधीनगर में एक IFSC बैंकिंग यूनिट (IBU) है।
मध्य और परिश्चमी भारत पर नजर
सरकारी क्षेत्र के सातवें सबसे बड़े बैंक इंडियन बैंक ने साल 2020 में इलाहाबाद बैंक के विलय के बाद पूर्वी भारत और उत्तर प्रदेश में अपनी मौजूदगी बढ़ाई। बैंक की नजर अब मध्य और पश्चिमी भारत में अपनी शाखाओं का विस्तार करने पर है। कुमार ने कहा, ”अब हम मध्य और पश्चिमी भारत के हिस्सों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।”
2,500 कर्मचारियों की होगी भर्ती
बैंक में भर्ती के को लेकर कुमार ने कहा कि बैंक मौजूदा वित्त वर्ष में करीब 2,500 कर्मचारियों की भर्ती की योजना बना रही है, जिनमें स्पेशियलिस्ट ऑफिसर्स भी होंगे। 30 जून, 2026 तक बैंक में 41,875 कर्मचारी काम कर रहे थे।
NPA घटाना है मकसद
ऐसेट क्वालिटी पर कुमार ने कहा कि बैंक इसे सही तरीके से मैनेज कर रहा है। बैंक का मकसद मौजूदा वित्त वर्ष में ग्रॉस-नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) को टोटल एडवांस का 1.5-1.6% पर और नेट एनपीए को 0.15-0.2 पर लाना है। बैंक ने चालू वित्त वर्ष में 200 करोड़ रुपये के बैड लोन को एक एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (ARC) को बेचने की योजना बनाई है।
गोल्ड लोन पोर्टफोलियो बढ़ने की उम्मीद
एसेट के मुद्दे पर कुमार ने कहा कि बैंक को उम्मीद है कि बेहतर मांग की वजह से इसका गोल्ड लोन पोर्टफोलियो 1.5 लाख करोड़ को पार कर जाएगा। उन्होंने कहा, ”बैंकों के लिए गोल्ड लोन एक सुरक्षित कर्ज है। यह खपत से जुड़ा लोन नहीं है, लेकिन यह इनकम जनरेट करने वाला और छोटे कारोबारों को आगे बढ़ाने में मदद करता है।”

