नई दिल्ली. भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम की जर्सी का रंग बदलने का फैसला लिया गया है. 2026 एफआईएच हॉकी विश्व कप में अपनी पारंपरिक नीली जर्सी की जगह भगवा (सैफ्रन) रंग की जर्सी में खेलती नजर आएगी. इस फैसले को लेकर पूर्व भारतीय कप्तान वीरेन रासक्विन्हा ने सवाल उठाए थे. इसके बाद हॉकी इंडिया ने आधिकारिक बयान जारी कर जर्सी बदलने की वजह बताई.
हॉकी इंडिया के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय हॉकी में अब ज्यादातर मुकाबले नीले सिंथेटिक टर्फ पर खेले जाते हैं. ऐसे में खिलाड़ियों की नीली जर्सी मैदान के रंग में घुल-मिल जाती थी. इससे मैच के दौरान साथियों को पहचानने और पास देने में दिक्कत होती थी. हॉकी इंडिया ने बयान में कहा कि खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ ने महसूस किया कि नीली जर्सी की वजह से ऑन-फील्ड विजिबिलिटी प्रभावित हो रही थी. इसी वजह से टीम के लिए दूसरे रंग की जर्सी पर विचार किया गया.
Presenting the new India jersey! 🇮🇳
Every stitch tells a story. Every pattern, every colour carries India’s pride.
Our teams are ready to once again do the country proud at the FIH Hockey World Cup Belgium & Netherlands 2026.
🎥: Select 2 (SD+HD)+ Khel & JioHotstar
🗓️: August… pic.twitter.com/8GvwbByapq— Hockey India (@TheHockeyIndia) July 27, 2026
हॉकी इंडिया के मुताबिक कोच और खिलाड़ियों से जर्सी के रंग को लेकर सुझाव मांगा गया था. जिसमें पीले (Yellow) और भगवा (Saffron) रंग के विकल्प सुझाए सामने आए थे. मैच से जुड़े तमाम पहलुओं पर विचार किया गया. लंबी चर्चा के बाद आखिरकार भगवा रंग को फाइनल किया गया. संघ ने कहा कि तकनीकी कारणों के अलावा भगवा रंग का राष्ट्रीय महत्व भी है. यह भारत के राष्ट्रीय ध्वज का एक प्रमुख रंग है, जो साहस, त्याग और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक माना जाता है.
हॉकी इंडिया की तरफ से ये भी बताया गया कि यह पहला मौका नहीं है जब टीम की जर्सी का रंग बदला गया है. 2014 एफआईएच हॉकी विश्व कप में भारतीय टीम ने पीले रंग की जर्सी पहनी थी. 2018 एफआईएच हॉकी विश्व कप में टीम स्काई ब्लू (हल्के नीले) रंग की नई डिजाइन वाली जर्सी में उतरी थी. संघ का कहना है कि समय-समय पर तकनीकी जरूरतों और व्यावहारिक कारणों के आधार पर टीम की जर्सी में बदलाव किए जाते रहे हैं.

