कविता.रोहतक : सोशल मीडिया पर बनने वाली दोस्ती अब कई युवाओं, खासकर छात्राओं के लिए खतरे का कारण बनती जा रही है। हाल ही में रोहतक में गुरुग्राम की एक बीकॉम छात्रा ने आरोप लगाया कि इंस्टाग्राम के जरिए दोबारा संपर्क में आए स्कूल के परिचित युवक ने पहले उससे रुपये और सोने के आभूषण लिए, फिर रोहतक बुलाकर दुष्कर्म किया और कथित तौर पर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लंबे समय तक ब्लैकमेल करता रहा। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह मामला केवल एक घटना नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर बिना पूरी जानकारी के भरोसा करने के बढ़ते खतरे की ओर इशारा करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन दोस्ती करते समय छोटी सी लापरवाही भी बड़े अपराध का कारण बन सकती है।
ऑनलाइन दोस्ती से ऑफलाइन खतरे तक
इंस्टाग्राम, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लोगों को जोड़ने का माध्यम हैं, लेकिन इन्हीं प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कुछ लोग धोखाधड़ी, ब्लैकमेल, आर्थिक ठगी और यौन शोषण जैसे अपराधों के लिए भी कर रहे हैं। कई मामलों में आरोपी पहले विश्वास जीतते हैं, फिर भावनात्मक दबाव बनाकर पैसे मांगते हैं। इसके बाद मिलने का दबाव, निजी फोटो या वीडियो मांगना और फिर ब्लैकमेल करने जैसी घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे मामलों में पीड़ित अक्सर डर या बदनामी के कारण लंबे समय तक शिकायत भी नहीं कर पाते।
पहले भरोसा, फिर ब्लैकमेल, यही है अपराधियों का तरीका
साइबर अपराधों में एक समान पैटर्न देखने को मिलता है। शुरुआत सामान्य बातचीत से होती है, फिर दोस्ती गहरी करने की कोशिश की जाती है। इसके बाद आर्थिक मदद, निजी जानकारी या मुलाकात का दबाव बनाया जाता है। यदि सामने वाला व्यक्ति भरोसा कर ले तो आरोपी उसी भरोसे का फायदा उठाकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर देता है। कई बार अश्लील फोटो या वीडियो का डर दिखाकर लगातार पैसे और कीमती सामान ऐंठने की कोशिश की जाती है।
युवाओं और अभिभावकों दोनों को रहना होगा सतर्क
विशेषज्ञ मानते हैं कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल पूरी तरह सुरक्षित तभी है जब सावधानी बरती जाए। किसी भी ऑनलाइन दोस्त पर आंख बंद करके भरोसा न करें। परिवार से बातें छिपाने के बजाय साझा करें। यदि कोई व्यक्ति बार-बार पैसे मांग रहा हो, मिलने का दबाव बना रहा हो या निजी फोटो-वीडियो मांग रहा हो तो तुरंत दूरी बना लें। किसी भी तरह की धमकी मिलने पर डरने के बजाय पुलिस और साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करना सबसे बेहतर विकल्प है।
ऐसे रखें खुद को सुरक्षित
सोशल मीडिया प्रोफाइल की गोपनीयता (प्राइवेसी) सेटिंग मजबूत रखें। अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट या फॉलो रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले उनकी पहचान की पुष्टि करें। किसी को भी बैंक खाते, ओटीपी, निजी दस्तावेज या निजी फोटो-वीडियो साझा न करें। पहली मुलाकात हमेशा सार्वजनिक स्थान पर और परिवार या भरोसेमंद व्यक्ति को जानकारी देकर ही करें। यदि कोई व्यक्ति ब्लैकमेल करे तो बातचीत के स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखें तथा तुरंत पुलिस में शिकायत करें।
शिकायत करने में देर न करें
यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया के जरिए धोखाधड़ी, ब्लैकमेल, धमकी या यौन शोषण का प्रयास करता है तो चुप रहने के बजाय तुरंत कानूनी मदद लें। समय पर शिकायत करने से न केवल आरोपी तक पहुंचना आसान होता है, बल्कि अन्य लोगों को भी ऐसे अपराधों का शिकार होने से बचाया जा सकता है। रोहतक का हालिया मामला भी यही संदेश देता है कि सोशल मीडिया पर दोस्ती करते समय सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
