नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के लिए अगले कुछ महीने बेहद अहम रहने वाले हैं. उनको मैदान पर पूरी तरह से फिट होकर वापस लौटना है. इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी करने से पहले बुमराह को घरेलू क्रिकेट में उतरने कहा गया है. मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की अगुवाई वाली सलेक्शन कमेटी चाहती है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले ये अनुभवी खिलाड़ी एक रेड बॉल मैच में उतरे.
बुमराह को इंग्लैंड के दौरे पर वनडे सीरीज के दौरान चोट लगी थी. इसके बाद उनका नाम श्रीलंका दौरे पर जाने वाली टीम में शामिल किया गया था. चोट पूरी तरह से ठीक ना हो पाने की वजह से उनको सीरीज से बाहर होना पड़ा. मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो बुमराह को रणजी ट्रॉफी में उतारा जा सकता है. अगर ऐसा नहीं हो पाया तो इंडिया ए की तरफ से वो फर्स्ट-क्लास मैच में अपनी फिटनेस साबित करने उतरेंगे. चयनकर्ता बुमराह को लेकर किसी तरह का कोई जोखिम नहीं लेना चाहते. उनके चोटों के इतिहास को देखते हुए सीधे टेस्ट में उतारने की जगह पहले लंबे फॉर्मेट में फिटनेस टेस्ट लेना चाहते हैं. उनकी सर्जरी हुई घुटने की मजबूती और लंबे स्पेल गेंदबाजी के दौरान शरीर पर पड़ने वाले दबाव को लेकर सावधानी बरती जा रही है.
जसप्रीत बुमराह साल 2025 के बाद से अब तक टेस्ट क्रिकेट के दूर हैं. आखिरी बार साउथ अफ्रीका के खिलाफ 22 से 26 नवंबर के बीच इस फॉर्मेट में खेलने उतरे थे. चोट की वजह से उन्होंने अपना फोकस लिमिटेड ओवर फॉर्मेट की तरफ शिफ्ट कर दिया. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में उनके लिए मैच जैसे प्रैक्टिस जरूर कराए गए हैं, लेकिन चयनकर्ताओं का मानना है कि असली मुकाबले में लगातार गेंदबाजी करने की चुनौती अलग होती है.
रिपोर्ट के मुताबिक टेस्ट टीम में बुमराह की वापसी से पहले उन्हें रेड-बॉल में अपनी फिटनेस साबित करनी होगी. नेट्स की जगह मैच के दौरान ओवर करके खुद को टेस्ट करना होगा. इसके लिए रणजी ट्रॉफी मुकाबला या न्यूजीलैंड में भारत-ए का फर्स्ट-क्लास मैच विकल्प हो सकता है. चयनकर्ता इस बात को लेकर आश्वस्त होना चाहते हैं कि बुमराह का शरीर टेस्ट क्रिकेट के लंबे और कठिन वर्कलोड को संभालने के लिए तैयार है.

