मशहद के इमाम रजा दरगाह में दफन किए जाएंगे ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर
Ali Khamenei Funeral, (द भारत ख़बर), तेहरान: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अधिकारियों ने उनके सम्मान में तीन दिनों तक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित करने और 24 घंटे लंबे जनाजा जुलूस की योजना की घोषणा की है। यह अंतिम विदाई कार्यक्रम उनकी मौत के 4 महीने बाद आयोजित किया जा रहा है।
उन्हें मशहद के इमाम रजा दरगाह में दफन किया जाएगा। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के साझा हमले में उनकी मौत हो गई थी। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के मुताबिक खामेनेई को 21 जून के आसपास आखिरी विदाई दी जा सकती है।
अंतिम संस्कार कार्यक्रम में 2 करोड़ लोग हो सकते है शामिल
उनका राजकीय अंतिम संस्कार पहले 4 मार्च को होने वाला था, लेकिन युद्ध की वजह से इसे टाल दिया गया था। अधिकारियों को उम्मीद है कि तेहरान, कुम और मशहद में होने वाले अंतिम संस्कार कार्यक्रमों में करीब 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं। लोगों को अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए पूरे तीन दिन निर्धारित किए गए हैं।
कुम और मशहद की सड़कों पर अंतिम यात्रा के रूप में ले जाया जाएगा पार्थिव शरीर
खामेनेई का मुख्य अंतिम संस्कार समारोह तेहरान में होगा, जो कम से कम 24 घंटे तक चलने की उम्मीद है। इसके बाद पार्थिव शरीर को धार्मिक शहर कुम ले जाया जाएगा और फिर मशहद पहुंचाया जाएगा, जहां इमाम रजा के दरगाह परिसर में दफनाया जाएगा।
तेहरान नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि दफन से पहले खामेनेई के पार्थिव शरीर को कुम और मशहद की सड़कों पर अंतिम यात्रा के रूप में ले जाया जाएगा। यह जानकारी आईआरजीसी के एक बयान में दी गई।
शिया मुसलमानों का सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक शहर है मशहद
मशहद ईरान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और देश के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित है। इसे शिया मुसलमानों का सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक शहर माना जाता है। मशहद की सबसे बड़ी पहचान इमाम रजा का दरगाह है।
वे बारह इमामों वाली शिया परंपरा के आठवें इमाम थे। उनका दरगाह दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। हर साल ईरान और दूसरे देशों से करोड़ों श्रद्धालु यहां आते हैं। मशहद में दफन होने से खामेनेई का नाम शिया इस्लाम के सबसे सम्मानित धार्मिक व्यक्तित्वों से जुड़ जाएगा।
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