नई दिल्ली. भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स में पहले गोल्ड मेडल का इंतजार खत्म हो गया है. स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीत लिया. इसके साथ ही उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरा गोल्ड मेडल अपने नाम कर इतिहास रच दिया. मीराबाई ने स्नैच और क्लीन एंड जर्क मिलाकर 190 किलोग्राम वजन उठाया और भारत की झोली में पहला गोल्ड मेडल डाला. पोडियम पर राष्ट्रगान के दौरान वह भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े.
पिछले दो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए मेडल जीतने वाली मीराबाई ने फिर से देश के लिए शानदार कामयाबी हासिल की. उन्होंने स्नैच में 85 किलोग्राम वजन उठाया. इसके बाद क्लीन एंड जर्क में अपने पहले ही प्रयास में 105 किलोग्राम सफलतापूर्वक उठाकर कुल 190 किलोग्राम का स्कोर बनाया. उनके प्रदर्शन के आसपास भी कोई अन्य खिलाड़ी नहीं पहुंच सकी. नाइजीरिया की रुथ असुओकुओ न्योंग ने 168 किलोग्राम के साथ रजत पदक जीता, जबकि मलेशिया की आइरीन जेन हेनरी ने 167 किलोग्राम के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया.
THE QUEEN DELIVERS!! @mirabai_chanu pic.twitter.com/Fd41YGb8Wy
— SAI Media (@Media_SAI) July 26, 2026
भारत के अब तीन पदक
कॉमनवेल्थ गेम्स में उतरने से पहले मीराबाई ने कहा था. उनका लक्ष्य एशियन गेम्स है और उसी के अनुसार उन्होंने अपनी तैयारी की है. इसके बावजूद उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का पहला स्वर्ण पदक दिला दिया. मीराबाई चानू के स्वर्ण से पहले झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में कांस्य. ऋषिकांता सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर भारत की झोली में दो पदक डाले थे. मीराबाई के गोल्ड के साथ भारत के पदकों की संख्या अब तीन हो गई.

