Mirabai Chanu Wins Silver Medal: भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने एशियाई खेलों में पदक का सूखा खत्म कर दिया। एशियन गेम्स में बुधवार को मीराबाई ने महिलाओं के 49 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उन्होंने कुल 198 किग्रा वजन उठाया। इस पदक के साथ मीराबाई ने अपने शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली। मीराबाई का यह पदक इसलिए भी खास है, क्योंकि यह एशियाई खेलों में उनका पहला पदक है। यह एशियाई खेलों की वेटलिफ्टिंग कॉम्प्टीशन में भारत का 1998 के बाद पहला पदक है। 1998 बैंकॉक एशियन गेम्स में कर्णम मल्लेश्वरी ने सिल्वर मेडल जीता था। उसके बाद भारतीय वेटलिफ्टर्स को एशियाई खेलों में पोडियम तक पहुंचने के लिए 28 साल इंतजार करना पड़ा।
लंबे इंतजार के बाद पूरा हुआ सपना
मीराबाई के लिए यह पदक सिर्फ एक और मेडल नहीं, बल्कि वर्षों से अधूरे पड़े सपने का पूरा होना है। उन्होंने 2014 के एशियाई खेलों से इस पदक के लिए कोशिश की थी। 2014 में वह 49 किग्रा वर्ग में नौवें स्थान पर रही थीं। 2018 में पीठ की चोट के कारण वह एशियाई खेलों में हिस्सा नहीं ले सकीं, जबकि 2022 के हांगझोउ खेलों में वह चौथे स्थान पर रहकर पदक से चूक गई थीं। पदक जीतने के बाद मीराबाई ने कहा कि एशियाई खेलों में पदक जीतना उनके लिए सपना सच होने जैसा है। उन्होंने बताया कि वह 2014 से इस पदक के लिए प्रयास कर रही थीं और अब उन्हें लगता है कि उनका जीवन एक तरह से पूरा हो गया है। उनका यह सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। रियो ओलंपिक में वह कोई वैध लिफ्ट दर्ज नहीं कर पाई थीं, लेकिन पांच साल बाद टोक्यो ओलंपिक में उन्होंने सिल्वर मेडल जीतकर शानदार वापसी की। इसके अलावा वह विश्व चैंपियनशिप और राष्ट्रमंडल खेलों में भी पदक जीत चुकी हैं।
स्नैच में तीसरे स्थान पर रहीं
मीराबाई ने स्नैच में 83 किग्रा के सफल प्रयास से शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने 85 और फिर 87 किग्रा का भार उठाया। 87 किग्रा के सफल प्रयास के बाद वह स्नैच चरण में तीसरे स्थान पर रहीं। क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 111 किग्रा का सफल लिफ्ट दर्ज किया। इससे उनका कुल स्कोर 198 किग्रा हो गया और रजत पदक सुनिश्चित हो गया। रजत पक्का होने के बाद उन्होंने अपना अंतिम प्रयास नहीं किया। उत्तर कोरिया की दो बार की विश्व चैंपियन री सोंग-गम ने 215 किग्रा के कुल वजन के साथ स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने स्नैच में 94 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 121 किग्रा उठाया। उनके 215 किग्रा के कुल वजन को विश्व रिकॉर्ड बताया गया है और इस जीत के साथ उन्होंने एशियाई खेलों में लगातार तीसरा स्वर्ण पदक हासिल किया। इंडोनेशिया की लुलुक दियानी त्रि विजायाना ने कुल 191 किग्रा के साथ कांस्य पदक जीता। उन्होंने स्नैच में 87 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 103 किग्रा उठाया।
मीराबाई की नजरें लॉस एंजिलिस पर
एशियाई खेलों का पदक जीतने के बाद मीराबाई के सामने अगला बड़ा लक्ष्य 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक हो सकता है। हालांकि उन्होंने कहा है कि अभी उन्होंने ओलंपिक की रणनीति तय नहीं की है और पहले वह इस उपलब्धि का जश्न मनाना चाहती हैं। ओलंपिक क्वालिफिकेशन प्रक्रिया दिसंबर से शुरू होने की बात उन्होंने कही। मीराबाई की इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई दी। उन्होंने मीराबाई के दृढ़ संकल्प और निरंतरता की सराहना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि देश की युवा पीढ़ी को प्रेरित करेगी।

