8.6 लाख मीट्रिक टन तेल लेकर तीन पोत अगले सप्ताह पहंचेंगे भारत
Crude Oil Reserve (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : अमेरिका और ईरान के बीच घटते-बढ़ते तनाव के बीच भारतीय बाजार और उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल तीन भारतीय पोत कच्चे तेल की खेप लेकर होर्मुज पार कर चुके हैं। इन सभी के 24 जून से एक जुलाई के भीतर भारत पहुंचने की संभावना है। पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इन तीन पोत में 8.6 मीट्रिक टन कच्चा तेल है। इन पोत के भारत पहुंचे से भारत के तेल भंडार को राहत मिलेगी।
केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सबार्नंद सोनोवाल ने समुद्री हितों की सुरक्षा के लिए सरकार के समन्वित प्रयासों पर जोर देते हुए इनके सुरक्षित गुजरने की जानकारी दी। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, “सुरक्षित रास्ता मिल गया! भारतीय झंडे वाले 3 क्रूड आॅयल टैंकर ‘देश वैभव’, ‘देश विभोर’ और ‘सनमार हेराल्ड’—94 भारतीय क्रू सदस्यों के साथ 8.6 लाख एमटी से अधिक कार्गो लेकर आज होर्मुज से सफलतापूर्वक गुजरे हैं और भारत आ रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के निर्णायक नेतृत्व में भारत सरकार देश के समुद्री हितों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। हमारा मंत्रालय भारत के नाविकों और ऊर्जा आपूर्ति मार्गों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के साथ सक्रिय रूप से समन्वय कर रहा है।”
होर्मुज पर टैक्स लगा सकता है अमेरिका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नेकहा कि अगर ईरान के साथ अंतिम समझौता नहीं हो पाता है तो वॉशिंगटन होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगा सकता है। उन्होंने कहा कि यह शुल्क पश्चिम एशिया क्षेत्र के लिए संरक्षक की भूमिका निभाने के बदले दी गई सेवाओं के लिए होगा।
समझौते के तहत अगले 60 दिन तक नहीं लगाएंगे शुल्क
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच हुए 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत लागू 60 दिनों के युद्धविराम के दौरान कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने लिखा, युद्धविराम की 60 दिनों की अवधि के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में कोई शुल्क नहीं होगा और 60 दिन पूरे होने के बाद भी कोई शुल्क नहीं होगा, जब तक कि समझौता पूरा नहीं हो जाता। अगर समझौता पूरा नहीं होता है, तो अमेरिका द्वारा और उसके लिए शुल्क लगाया जा सकता है।
ये भी पढ़ें : PM Modi Breaking News : हम रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की और बढ़ रहे : पीएम