
ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग
Ram Mandir Donation Controversy, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली/अयोध्या: कांग्रेस सांसद और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम नरेंद्र मोदी के नाम एक चिट्ठी लिखी है। दोनों नेताओं ने चिट्ठी के माध्यम से श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चोरी का मामला उठाया है। उन्होंने इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चुप्पी तोड़ने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि देश के लाखों श्रद्धालु इस चोरी से खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। शनिवार को लिखी चिट्ठी रविवार को सामने आई।
उन्होंने पीएम मोदी से कहा-आपने संसद में ट्रस्ट के गठन की घोषणा की थी, लेकिन इसके सदस्यों की नियुक्ति पूरी तरह से सरकार ने की। यह बात जगजाहिर है कि ट्रस्ट के सदस्य आरएसएस, वीएचपी और उसके सहयोगियों से जुड़े हैं। पूर्व महासचिव भी आपके करीबी थे। ऐसे में आपकी चुप्पी स्वीकार नहीं है। जवाबदेही सुनिश्चित करना आपका कर्तव्य है। सरकार और ट्रस्ट की साख इसी बात पर टिकी है।
राहुल और खरगे की तीन मांग
- हम आपसे आग्रह करते हैं कि आप तुरंत ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की स्वतंत्र और व्यापक जांच का आदेश दें, जिसमें नकद, सोना और चांदी सहित सभी चढ़ावों का प्रबंधन भी शामिल हो।
- जांच के नतीजे और ट्रस्ट के खाते सार्वजनिक किए जाने चाहिए ताकि हर श्रद्धालु को पता चल सके कि उनके चढ़ावे का इस्तेमाल कैसे किया गया है।
- जो भी लोग इसके लिए जिम्मेदार पाए जाएं, उनके पद या प्रभाव की परवाह किए बिना उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
ओवैसी ने यूपी सरकार पर हमला बोला
संभल में शनिवार को आॅल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने यूपी सरकार पर हमला बोला। राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर उन्होंने कहा कि जब ट्रस्ट में जिलाधिकारी और प्रमुख सचिव (गृह) जैसे अधिकारी शामिल थे, तब ऐसी घटना कैसे हो गई। सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए और पूरे मामले में पारदर्शिता बरतनी चाहिए।
सपा सांसद बोले- मशीन से जांच कर लोगों को मंदिर में प्रवेश दिया जाए
मुजफ्फरनगर से सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले को लेकर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के बयान पर पलटवार किया। कहा- रामभक्त कौन है, यह कौन तय करेगा? भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं।
यह तय करना किसी के लिए संभव नहीं है कि कौन सच्चा रामभक्त है और कौन नहीं। अगर किसी के पास ऐसी कोई मशीन है जो यह बता सके कि किसकी आस्था सच्ची है और किसकी नहीं, तो पहले उसी मशीन से जांच कर लोगों को मंदिर में प्रवेश दिया जाए।
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