Stock Market Today Update: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर दुनियाभर के शेयर मार्केट में साफ नजर आ रहा है। 9 सितंबर को शेयर मार्केट में गिरावट का दौर देखने को मिला, लेकिन गुरुवार यानी आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत लगभग सपाट रही। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 61.86 अंक बढ़कर 74,826.09 और निफ्टी करीब 14.80 अंक चढ़कर 23,446.30 पर पहुंचा। बाजार का माहौल पूरी तरह सकारात्मक नहीं था और निवेशक काफी सतर्क नजर आए। बाजार की सबसे बड़ी चिंता इस समय कच्चे तेल की कीमत है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने से देश का आयात बिल बढ़ सकता है। इसका असर महंगाई, रुपये की कीमत और कंपनियों के मुनाफे पर भी पड़ सकता है।
पिछले कारोबारी दिन बाजार में बड़ी गिरावट
9 सितंबर को भारतीय बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली थी। सेंसेक्स 813.35 अंक यानी 1.08% गिरकर 74,764.23 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 203.60 अंक यानी 0.86% टूटकर 23,431.50 पर आ गया। दोनों प्रमुख सूचकांक लगभग तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए थे। इस गिरावट में IT शेयरों पर भी दबाव रहा। 9 सितंबर को Nifty IT इंडेक्स करीब 3.2% गिरा। दूसरी ओर, ऊर्जा और मेटल शेयरों में कुछ मजबूती दिखाई दी। कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से ONGC और Oil India जैसे तेल उत्पादक शेयरों को फायदा मिला।
आज किन शेयरों पर रहेगी सबकी नजर?
10 सितंबर के शुरुआती कारोबार में Axis Bank, Bajaj Finserv और Larsen & Toubro जैसे शेयरों में हल्की तेजी देखने को मिली। वहीं Mahindra & Mahindra, BEL, Tata Steel और UltraTech Cement दबाव में रहे। ONGC और Oil India भी कच्चे तेल की तेजी के कारण निवेशकों के रडार पर हैं। इसके अलावा Shakti Pumps के शेयर में भी तेजी देखने को मिली। कंपनी को महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी से 10,000 सोलर पंप की सप्लाई का बड़ा ऑर्डर मिला है।
आगे बाजार की दिशा कैसी रहेगी?
आने वाले दिनों में भारतीय बाजार की दिशा कई अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर निर्भर करेगी। खासकर मध्य-पूर्व का तनाव, कच्चे तेल की कीमत, अमेरिकी महंगाई के आंकड़े और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर से जुड़े संकेत बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर भी निवेशकों की नजर है, क्योंकि इससे अगले सप्ताह फेड के फैसले को लेकर उम्मीदें बदल सकती हैं। ऐसे माहौल में निवेशकों के लिए जल्दबाजी में खरीदारी करने के बजाय कंपनियों के मजबूत कारोबार और वित्तीय स्थिति पर ध्यान देना बेहतर रहेगा। बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।

