लगातार चौथे दिन लाल निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार, चार दिन में 3500 अंक लुढ़का सेंसेक्स निफ्टी भी करीब एक हजार नीचे
Share Market Update (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : अमेरिका और ईरान के बीच बने तनाव का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिल रहा है। सोमवार की बड़ी गिरावट के बाद मंगलवार को भी भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। दिन का कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान पर खुले इसके बाद पूरा दिन ये दोनों गिरावट में ही काम करते रहे।
जिसके बाद दिन का कारोबार बंद होने के समय सेंसेक्स 1,456 अंक गिरकर 74,559 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 436 अंक की गिरावट रही, ये 23,379 के स्तर पर बंद हुआ। ज्ञात रहे कि पिछले चार कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स करीब 3,500 अंक और निफ्टी लगभग 1,000 अंक गिरा है।
शेयर बाजार में गिरावट के मुख्य कारण
शेयर बाजार में गिरावट का सबसे बड़ा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली रही। इन्होंने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को 8,437.56 करोड़ रुपए के शेयर बेच हैं। इतनी बड़ी सख्या में विदेशी निवेशकों का शेयर बेचना भारतीय शेयर बाजार के लिए हानिकारक रहा। दूसरा ब्रेंट क्रूड 0.93% बढ़कर 105 डॉलर प्रति बैरल पर है।
भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है, इसलिए बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ सकती हैं। जिससे शेयर बाजार पर भी दबाव बढ़ रहा है। तीसरा बड़ा कारण एशियाई बाजारों (कोरिया का कोस्पी और चीन का शंघाई) में भारी गिरावट है। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 95.5 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर आ गया। रुपये की कमजोरी से विदेशी निवेशकों का भरोसा डगमगाया है।
सोने और चांदी में जबरदस्त तेजी
मंगलवार को एक तरफ जहां भारतीय शेयर बाजार में गिरावट रही वहीं सर्राफा बाजार तेजी के साथ बंद हुए। दिल्ली सर्राफा बाजार में मंगलवार को 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने का भाव 1,500 रुपये बढ़कर 1,56,800 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। यह सोमवार के बंद भाव 1,55,300 रुपये से करीब एक फीसदी अधिक है। चांदी की कीमतें भी 12,000 रुपये बढ़कर 2,77,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गईं।
चांदी में 4.53 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। जानकारों का कहना है कि रुपये और स्थिर धारणा से घरेलू बाजार में सोने को लाभ मिला। रुपया मंगलवार को 35 पैसे गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.63 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ। इस गिरावट ने घरेलू सोने की कीमतों को मजबूत समर्थन दिया। लेमन मार्केट्स डेस्क के गौरव गर्ग ने कहा कि निवेशक वाशिंगटन-तेहरान संबंधों और अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों का इंतजार कर रहे थे।

