
अगले दो माह में योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी में हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण
Haripur Residential Scheme, (द भारत ख़बर), हापुड़: दिल्ली-एनसीआर में प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए खुधखबरी है। हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण (एचपीडीए) बहुप्रतीक्षित हरिपुर आवासीय योजना अगले दो माह में धरातल पर उतारने की में तैयारी है। अगर आप भी दिल्ली-एनसीआर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे है तो इस खबर में हम आपको योजना से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध करा रहे है।
इस योजना के पहले चरण के लिए प्रस्तावित 32 एकड़ भूमि में से 31 एकड़ पर प्राधिकरण कब्जा ले चुका है, जबकि शेष एक एकड़ भूमि का अधिग्रहण अंतिम चरण में है। शासन को भेजी गई छह माह की कार्ययोजना में इस परियोजना को प्राथमिकता के साथ शामिल किया गया है। हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण का लक्ष्य हरिपुर योजना को हापुड़ की प्रमुख आवासीय परियोजनाओं में शामिल करना है।
तीसरे चरण में 77 एकड़ तक विकसित करने का प्रस्ताव
एचपीडीए अधिकारियों के अनुसार पहले चरण की औपचारिकताएं पूरी होते ही विकास कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही योजना के विस्तार की भी तैयारी चल रही है। दूसरे चरण में इसे 55 एकड़ और तीसरे चरण में 77 एकड़ तक विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिससे भविष्य में अधिक संख्या में आवासीय भूखंड और अन्य सुविधाएं विकसित की जा सकें।
अधिकारियों का कहना है कि शासन से आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद विकास कार्यों में तेजी लाई जाएगी। हरिपुर आवासीय योजना के शुरू होने से हापुड़ में सुनियोजित आवासीय विकास को नई गति मिलने के साथ लोगों को बेहतर आवासीय विकल्प उपलब्ध होने की उम्मीद है।
दिल्ली-एनसीआर के लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित की जा रही आवासीय योजना
हरिपुर आवासीय योजना को एचपीडीए दिल्ली-एनसीआर के लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित कर रहा है। प्राधिकरण का मानना है कि बेहतर सड़क संपर्क, आधुनिक सुविधाएं और अपेक्षाकृत किफायती दरों पर भूखंड उपलब्ध होने से दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और गुरुग्राम के खरीदारों का रुझान इस योजना की ओर बढ़ेगा।
प्राधिकरण का उद्देश्य भविष्य की मांग को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त आवासीय और व्यावसायिक भूखंड उपलब्ध कराना
इसी को देखते हुए योजना का चरणबद्ध विस्तार किया जा रहा है। पहले चरण में 32 एकड़ में विकास कार्य शुरू होगा, जबकि दूसरे चरण में इसे 55 एकड़ और तीसरे चरण में 77 एकड़ तक विस्तारित करने की तैयारी है। प्राधिकरण का उद्देश्य भविष्य की मांग को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त आवासीय और व्यावसायिक भूखंड उपलब्ध कराना है।
उद्घाटन के लिए सीएम योगी से मांगा समय
एचपीडीए के सचिव अमित कादियान ने बताया कि योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। शासन को छह माह की कार्यसूची में भेजने के साथ ही मुख्यमंत्री से उद्घाटन के लिए समय मांगा गया है। हमारा प्रयास है कि शिलान्यास के बाद पहले निर्माण आरंभ करा दिया जाए, उसके बाद रेरा आदि की औपचारिकताओं पर कार्य किया जाएगा।
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