Iran News, (द भारत ख़बर), तेहरान: ईरान ने रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया कि एक प्रस्तावित समझौते के तहत स्ट्रेट आफ होर्मुज अपनी पिछली स्थिति में लौट आएगा। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘फार्स न्यूज एजेंसी’ ने कहा कि तेहरान इस पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगा। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान केवल इस बात पर सहमत हुआ है कि वहां से गुजरने वाले जहाजों की संख्या युद्ध-पूर्व के स्तर पर लौट आए, लेकिन इसका किसी भी तरह से यह मतलब नहीं है कि वहां पहले की तरह ‘मुक्त आवाजाही’ फिर से शुरू हो जाएगी जैसा कि संघर्ष से पहले हुआ करता था।
परमाणु कार्यक्रम : ईरान की ओर से नहीं कोई प्रतिबद्धता
ईरानी मीडिया ने कहा कि स्ट्रेट आॅफ होर्मुज का प्रबंधन—जिसमें जहाजों के मार्ग, गुजरने का समय और परमिट जारी करना शामिल है—पूरी तरह से ईरान के अधिकार क्षेत्र में ही रहेगा। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भले ही ट्रंप ने पहले यह घोषणा की थी कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत किसी भी समझौते के लिए मुख्य और अनिवार्य शर्तों में से एक होगी, लेकिन ईरान की ओर से इस संबंध में कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई गई है और न ही परमाणु मुद्दे पर कोई चर्चा की गई है।
मीडिया में सुर्खियां बटोरने के लिए होते हैं ट्रंप के ट्वीट
फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान को भेजे गए कई संदेशों में यह स्वीकार किया है कि ट्रंप के ट्वीट मुख्य रूप से प्रचार के उद्देश्य से और अमेरिका के भीतर मीडिया में सुर्खियां बटोरने के लिए होते हैं और उन्होंने यह सलाह दी है कि इन बयानों पर कोई ध्यान न दिया जाए। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका खाड़ी क्षेत्र में शांति और स्थिरता से जुड़े प्रयासों के संबंध में कई देशों के नेताओं के साथ चर्चा कर रहा है जिसमें ईरान और स्ट्रेट आॅफ होर्मुज से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं।
जानिए ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट में क्या कहा
रिपोर्टों के अनुसार ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में कहा, मैं व्हाइट हाउस के ओवल आॅफिस में हंू, जहां अभी-अभी हमारी सऊदी अरब के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद, संयुक्त अरब अमीरात के मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान, कतर के अमीर तमीम बिन हमद बिन खलीफा अल थानी, प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम बिन जाबेर अल थानी और मंत्री अली अल-थवादी, पाकिस्तान के फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर अहमद शाह, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय और बहरीन के राजा हमद बिन ईसा अल खलीफा के साथ एक बहुत अच्छी बातचीत हुई। यह बातचीत इस्लामिक रिपब्लिक आॅफ ईरान और ‘शांति’ से जुड़े एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) से संबंधित सभी मामलों के बारे में थी।
काफी हद तक तय हो चुका है एक समझौता
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि एक समझौता काफी हद तक तय हो चुका है, जिसे अब अमेरिका, ईरान और इस चर्चा में शामिल अन्य देशों के बीच अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। इसके अलावा, मेरी इजराइल के प्रधानमंत्री बीबी नेतन्याहू के साथ भी बातचीत हुई, जो कि बहुत अच्छी रही। इस समझौते के अंतिम पहलुओं और विवरणों पर अभी चर्चा चल रही है और जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा, समझौते के कई अन्य बिंदुओं के अलावा, ‘होर्मूज जलडमरूमध्य’ को भी खोल दिया जाएगा।
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