कहा, पश्चिम एशिया तनाव का हल जल्द निकालना पूरी दुनिया के लिए फायदेमंद
West Asia Crisis (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के लगातार बंद होने से वैश्विक सप्लाई चेन लगातार बाधित हो रही है। इसी के चलते कई देशों में जरूरी वस्तुओं की किल्लत पैदा हो चुकी है। जिससे वैश्विक विकास दर प्रभावित होने की आशंका है। इसी बीच संयुक्त राष्टÑ की एक ताजा रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि यदि जल्द ही इस तनाव को समाप्त न किया गया तो विश्व एक और आर्थिक मंदी के मुहाने पर खड़ा होगा।
भारत की विकास दर का अनुमान घटाया
संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने हाल ही में वैश्विक आर्थिक झटकों का हवाला देते हुए वर्ष 2026 के लिए भारत की विकास दर (जीडीपी) के अनुमान को 6.6 प्रतिशत से घटाकर 6.4 प्रतिशत कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक मामलों के विभाग (यूएन डीईएसए) द्वारा मंगलवार को जारी की गई नवीनतम रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि विकास दर के इस अनुमानित संशोधन के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना रहेगा।
वैश्विक स्तर पर बढ़ सकती है महंगाई
रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम एशिया का संकट वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक नया झटका साबित हो रहा है, जिसने विकास की रफ्तार को धीमा करने के साथ-साथ महंगाई के दबाव को फिर से बढ़ा दिया है। वर्ष 2025 में दर्ज 7.5 प्रतिशत की विकास दर से 2026 में 6.4 प्रतिशत तक की यह गिरावट मुख्य रूप से ऊर्जा आयात की बढ़ती लागत और सख्त होती वित्तीय स्थितियों के दबाव को दशार्ती है।
अमेरिका और ईरान झुकने को तैयार नहीं
एक तरफ जहां पूरा विश्व पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात से परेशान है वहीं अमेरिका और ईरान दोनों में से कोई भी देश झुकने के लिए तैयार नहीं है। पश्चिम एशिया में स्थाई शांति और दोनों के बीच चल रहे युद्ध का समाधान निकालने के लिए कई दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सका है। दूसरी तरफ दोनों की देशों की तरफ से ऐसे बयान सामने आ रहे हैं जोकि तनाव को बढ़ाने वाले हैं।

