Close Menu
    What's Hot

    हरियाणा के नूंह में 4.30 करोड़ रुपये के चिट्टे के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, क्रेटा में 40 पैकेटों में छिपाकर ले जा रहे थे

    September 22, 2026

    Typhoon Dujuan: जापान में टाइफून डुजुआन का कहर, भारत-जापान T20 पर संकट, एशियन गेम्स के इवेंट्स स्थगित | Sports

    September 22, 2026

    ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत बने 1.26 करोड़ कार्डों के वितरण की शुरुआत, 54 लाख परिवारों को मिली स्वास्थ्य सुरक्षा

    September 22, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    • Privacy Policy
    • About Us
    • Contact Us
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Latest Hindi News, Delhi News (दिल्ली न्यूज),  aaj ki taaja khabar, Today Breaking News, Trending
    • होम
    • बड़ी ख़बर

      सिम कार्ड का दुरुपयोग पडे़गा महंगा, ₹50 लाख का जुर्माना, जानें कैसे करें फर्जीवाड़े से बचाव

      September 21, 2026

      New Delhi : 6 साल की मासूम से दरिंदगी करने वाला पकड़ गया, लोगों ने जमकर पीटने के बाद पुलिस को सौंपा | National

      September 21, 2026

      बिहार में नाबालिग छात्रा से हैवानियत, SIT का गठन, 3 आरोपी गिरफ्तार

      September 21, 2026

      Crime Against Women: महिलाओं के खिलाफ अपराध में बिहार सबसे ऊपर, छत्तीसगढ़ में भी बढ़े मामले; आंध्र में आंकड़ा घटा | National

      September 21, 2026

      बढ़ सकती हैं सोनिया गांधी की मुश्किलें, वोटर लिस्ट मामले में मजिस्ट्रेट का आदेश रद्द, फिर से होगी जांच!

      September 21, 2026
    • दुनिया
    • भारत
    • राजनीति
    • राज्य
    • खेल
    • टेक
    • मनोरंजन
    Tuesday, September 22
    SUBSCRIBE
    Latest Hindi News, Delhi News (दिल्ली न्यूज),  aaj ki taaja khabar, Today Breaking News, Trending
    Home»Breaking News»बाबरी मस्जिद विध्वंस के 33 वर्ष बाद
    Breaking News

    बाबरी मस्जिद विध्वंस के 33 वर्ष बाद

    अंकित कुमारBy अंकित कुमारDecember 5, 2025No Comments8 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram Copy Link
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp LinkedIn Pinterest Email Copy Link


    Editorial Aaj Samaaj
    Editorial Aaj Samaaj: बाबरी मस्जिद विध्वंस के 33 वर्ष बाद

    Editorial Aaj Samaaj | राजीव रंजन तिवारी | छह दिसंबर 1992 और अयोध्या की हलचल। इन 33 वर्षों में सरयु ने न जाने कितने क्यूसेक जल प्रवाहित कर दिए। आज फिर याद आ गई केंद्र में कांग्रेस नीत पीवी नरसिम्हा राव सरकार की। अयोध्या में बाबरी मस्जिद के विध्वंस के साथ ही उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश की राज्य सरकार गिरा दी गईं थीं। फिर देश में एक नए सियासत का प्रादुर्भाव हुआ, जो तमाम उतार-चढ़ाव के बीच अब भी कायम है। देश के अधिकांश राज्यों में भाजपा की सरकार हैं। ये सरकारें खूब मस्ती में चल रही हैं, वजह केंद्र में बैठे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। आइए बाबरी मस्जिद विध्वंस के 33 वर्ष तक के समय चक्र को प्रतिबिंबित करते हैं।

    राजीव रंजन तिवारी, संपादक, द भारत ख़बर।

    भारत में बाबरी मस्जिद का विध्वंस आजादी के बाद की सबसे अहम घटनाओं में से एक है, जिसमें देश के राजनीतिक और सामाजिक ताने बाने को झकझोर कर रख दिया था। इस घटना को 33 वर्ष बीत गए लेकिन आज भी इस मुद्दे की गूंज राजनीति में सुनाई देती है। सीबीआई की मूल चार्जशीट के मुताबिक भाजपा के नेता लाल कृष्ण आडवाणी अयोध्या में विवादित बाबरी मस्जिद गिराने के कथित षड्यंत्र के मुख्य सूत्रधार रहे, जो अक्टूबर 1990 में शुरू होकर दिसंबर 1992 तक चला बताया गया। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया था कि बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि ढांचे का विवाद काफी समय से चला आ रहा है। हिंदुओं के अनुसार राम जन्मभूमि पर मीर बाकी ने मस्जिद का निर्माण किया था।

    इसी क्रम में विश्व हिंदू परिषद ने अयोध्या, काशी और मथुरा के मंदिरों को मुक्त करने का अभियान चलाया और इसके अंतर्गत लाल कृष्ण आडवाणी ने सोमनाथ से अयोध्या तक रथयात्रा की। तब शिव सेना नेता बाल ठाकरे ने मुंबई के दादर में लाल कृष्ण आडवाणी का स्वागत किया था। उसी दिन लाल कृष्ण आडवाणी ने पंचवटी में घोषणा की थी कि बाबरी मस्जिद कभी भी मस्जिद नहीं रही और हिंदू संगठन प्रत्येक दशा में अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए दृढ़ संकल्प हैं। चार्जशीट के अनुसार 1991 में उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने इस योजना में सक्रिय साथ दिया। पांच दिसंबर 1992 को अयोध्या मे भाजपा नेता विनय कटियार के घर पर एक कथित गोपनीय बैठक हुई, जिसमें विवादित ढांचे को गिराने का अंतिम निर्णय लिया गया।

    भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने छह दिसंबर 1992 को कहा था कि आज कारसेवा का आखिरी दिन है। कारसेवक आज आखिरी बार कार सेवा करेंगे। जब उन्हें पता चला कि केंद्रीय बल फैजाबाद से अयोध्या आ रहा है तब उन्होंने जनता से राष्ट्रीय राजमार्ग रोकने को कहा। अभियोजन पक्ष का यह भी कहना था कि आडवाणी ने मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को संदेश दिया कि वे विवादित ढांचा पूर्ण रूप से गिराए जाने तक अपना त्यागपत्र न दें। आडवाणी ने राम कथा अकुंज के मंच से चिल्ला कर कहा कि जो कारसेवक शहीद होने आए हैं, उन्हें शहीद होने दिया जाए। आरोप है कि आडवाणी ने यह भी कहा कि मंदिर बनाना है, मंदिर बनाकर जाएंगे।

    कहा जाता है कि स्थानीय प्रशासन ने विवादित ढांचा गिराए जाने से रोकने का कोई प्रयास नहीं किया। अभियोजन के अनुसार तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट आरएन श्रीवास्तव और पुलिस अधीक्षक डीबी राय इस षड्यंत्र में शामिल थे। कल्याण सिंह उन तेरह लोगों में थे, जिन पर मूल चार्जशीट में मस्जिद गिराने के षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप है। सीबीआई की मूल चार्जशीट के मुताबिक 1991 में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कल्याण सिंह ने डॉ. मुरली मनोहर जोशी और अन्य नेताओं के साथ अयोध्या जाकर शपथ ली थी कि विवादित स्थान पर ही मंदिर का निर्माण होगा। उन्होंने ही नारा लगाया था कि राम लला हम आएंगे, मंदिर यहीं बनाएंगे।

    चार्जशीट में कहा गया कि कल्याण सिंह ने मस्जिद की सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में दिए गए आश्वासन का पालन नही किया, जबकि उन्होंने संविधान और देश के कानून की सुरक्षा की शपथ ली थी। कल्याण सिंह घटना के समय अयोध्या में उपस्थित नहीं थे, फिर भी उन्हें षड्यंत्र में शामिल बताया गया। चार्जशीट के अनुसार कल्याण सिंह ने छह दिसंबर के बाद अपने बयानों में स्वीकार किया कि गोली न चलाने का आदेश उन्होंने ही जारी किया था और उसी वजह से प्रशासन का कोई अधिकारी दोषी नहीं माना जाएगा। बाद में कल्याण सिंह ने सभी आरोपों से इनकार कर दिया। विश्व हिंदू परिषद के नेता अशोक सिंघल भी अयोध्या के विवादित स्थल पर राम जन्म भूमि मंदिर निर्माण आंदोलन के प्रमुख स्तंभ रहे। चार्जशीट के अनुसार अशोक सिंघल 20 नवंबर 1992 को बाल ठाकरे से मिले और उन्हें कारसेवा में भाग लेने का निमंत्रण दिया।

    बाबरी मस्जिद विध्वंस की वर्षगांठ है। इससे पहले फिर विवाद चालू हो गया है। एक ओर हाल ही में दिए मौलाना मदनी के बाबरी मस्जिद पर बयान ने विवाद खड़े किए, तो दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस से विधायक हुमायूं कबीर ने घोषणा की कि वह बाबरी मस्जिद विध्वंस की वर्षगांठ छह दिसंबर को मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में मस्जिद की नींव रखेंगे। हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने कबीर को पार्टी से निकाल दिया है। वैसे तो बाबरी मस्जिद विध्वंस की हर वर्षगांठ पर कोई न कोई विवाद तो खड़ा हो ही जाता है। छह दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद के गुंबद को ध्वस्त करने के बाद देश भर में तीखी प्रतिक्रिया हुई, खासतौर पर मुस्लिम समाज में। अयोध्या में बाबरी मस्जिद का विवादित ढांचा ढहाए जाने के बाद देश में सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था में कई बड़े बदलाव हुए। इस दौरान केंद्र से लेकर राज्यों तक कई सरकारें बदलीं, नेतृत्व बदला और साथ ही राजनीतिक परिदृश्य भी बदल गया।

    अयोध्या में बाबरी मस्जिद का ढांचा ढहाए जाने के बाद देश के कई हिस्सों में साम्प्रदायिक हिंसा तेजी से फैलने लगी। बाबरी विध्वंस की घटना हिंदू और मुस्लिम समुदाय के बीच एक संघर्ष का कारण बन गई, जिसके कारण हिंदू-मुस्लिम दंगे भड़क उठे थे। इन दंगों में भारी संख्या में लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। बताते हैं कि देशभर से आए लाखों कारसेवकों की भीड़ नारे लगाती हुई अयोध्या में स्थित बाबरी मस्जिद की ओर आगे बढ़ रही थी। इनमें हजारों लोग एक साथ नारे लगा रहे थे, जय श्री राम, राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। देखते ही देखते भीड़ मस्जिद के अंदर घुस गई और ढांचे को तोड़ने लगी। कारसेवक हाथों में बल्लम, कुदाल और छेनी-हथौड़ा लिए विवादित ढांचे को तोड़ने लगे, यह सब होने में महज दो घंटे का वक्त लगा।

    उस दौरान हालात बिगड़ते देख केंद्र की नरसिम्हा राव की सरकार ने भाजपा शासन वाली चार राज्य की सरकारों को बर्खास्त कर दिया था। सरकार बर्खास्त करने की वजह देश में कानून व्यवस्था बिगड़ने से रोकना बताया गया था। देश में इस तरह की राजनीतिक घटना पहली बार हुई थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना भी हुई थी। ये चार राज्य उत्तर प्रदेश, जहां कल्याण सिंह की सरकार थी, हिमाचल प्रदेश, जहां शांता कुमार की सरकार थी, राजस्थान, जहां भैरों सिंह शेखावत की सरकार थी और मध्य प्रदेश, जहां सुंदर लाल पटवा की सरकार थी। इन सभी की सरकार को बर्खास्त करके राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था। देश में ऐसा पहली बार हुआ था कि केंद्र ने एक साथ चार सरकारों को बर्खास्त किया।

    बीजेपी ने अपनी चार राज्यों की सरकार के बर्खास्त होने पर राम मंदिर के बहाने हिंदुत्व के मुद्दे को हवा दी। इसके बावजूद हिमाचल, यूपी व एमपी में भाजपा जीत दर्ज नहीं कर पाई। हालांकि बीजेपी राजस्थान में वापसी करने में कामयाब रही। वहीं 1995 के बाद हुए आम चुनावों में बीजेपी ने हिंदुत्व के सहारे पकड़ बनानी शुरू कर दी थी। मंदिर मसले पर ही पहली बार बीजेपी केंद्र की सत्ता में पहुंची। 1996 में हुए आम चुनावों में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। उस समय बीजेपी ने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में पहली बार केंद्र में सरकार बनाई थी, लेकिन बहुमत साबित न कर पाने के कारण सरकार मात्र 13 दिन ही चल पाई। इसके बाद 1998 में हुए लोकसभा के चुनावों में भाजपा ने वापसी करते हुए अटल बिहारी के नेतृत्व में सरकार बनाई और वाजपेयी दोबारा प्रधानमंत्री बने।

    बहरहाल, अब स्थितियां बदल चुकी हैं। केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार है और देश के अधिकांश राज्यों में भाजपा राज कर रही है। राजनीति के जानकारों को अब यह देखने की ललक है कि देश का मौजूदा सियासी हालात कितने दिन और कितने वर्षों तक कायम रहता है। वैसे भाजपा के नेता पहले ही अघोषित रूप से स्पष्ट कर चुके हैं कि केंद्र में भाजपा की पचास वर्षों तक सरकार रहेगी। खैर, देखते हैं कि होता क्या है? (लेखक द भारत ख़बर के संपादक हैं।) 

    यह भी पढ़ें : Editorial Aaj Samaaj: जाति न पूछो वीरों की

    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Article9 घंटे में 7 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने डाउनलोड किया स्कोरकार्ड
    Next Article HBSE ने जारी की कक्षा 9वीं से 12वीं के लिए एनरोलमेंट तिथियां, 8 दिसंबर से शुरू होगा ऑनलाइन आवेदन
    अंकित कुमार

      मिलती जुलती ख़बरें

      सिम कार्ड का दुरुपयोग पडे़गा महंगा, ₹50 लाख का जुर्माना, जानें कैसे करें फर्जीवाड़े से बचाव

      September 21, 2026

      New Delhi : 6 साल की मासूम से दरिंदगी करने वाला पकड़ गया, लोगों ने जमकर पीटने के बाद पुलिस को सौंपा | National

      September 21, 2026

      बिहार में नाबालिग छात्रा से हैवानियत, SIT का गठन, 3 आरोपी गिरफ्तार

      September 21, 2026

      Crime Against Women: महिलाओं के खिलाफ अपराध में बिहार सबसे ऊपर, छत्तीसगढ़ में भी बढ़े मामले; आंध्र में आंकड़ा घटा | National

      September 21, 2026

      बढ़ सकती हैं सोनिया गांधी की मुश्किलें, वोटर लिस्ट मामले में मजिस्ट्रेट का आदेश रद्द, फिर से होगी जांच!

      September 21, 2026

      देशभर में बंद रहेंगे बैंक, SBI ने जारी की एडवाइजरी, जल्द निपटा लें ये काम

      September 21, 2026
      Add A Comment
      Leave A Reply Cancel Reply

      ताज़ा खबर

      हरियाणा के नूंह में 4.30 करोड़ रुपये के चिट्टे के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, क्रेटा में 40 पैकेटों में छिपाकर ले जा रहे थे

      By प्रमोद रिसालियाSeptember 22, 2026

      नूंह. हरियाणा के नूंह जिले में चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान के तहत तावडू…

      Typhoon Dujuan: जापान में टाइफून डुजुआन का कहर, भारत-जापान T20 पर संकट, एशियन गेम्स के इवेंट्स स्थगित | Sports

      September 22, 2026

      ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत बने 1.26 करोड़ कार्डों के वितरण की शुरुआत, 54 लाख परिवारों को मिली स्वास्थ्य सुरक्षा

      September 22, 2026
      चर्चित ख़बरें

      देशवासियों को आज एक और झटका, रसोई गैस हुई महँगी

      दिल्ली की दिनभर की 10 बड़ी ख़बरें, रोज़ पढ़ें और अपडेट रहें

      मेहनत कर बन्दे, तू मेहनत से क्या कुछ नहीं पायेगा

      Subscribe to News

      Get the latest sports news from NewsSite about world, sports and politics.

      Advertisement

      TBK Media Private Limted

      Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram
      • Editorial Team
      • Corrections Policy
      • Ethics Policy
      • Fact-Checking Policy
      • List ItemOwnership & Funding Information
      • Disclaimer
      • Sitemap
      © 2026 TBK Media Private Limited. Designed by Parmod Risalia.
      • About Us
      • Contact Us
      • Privacy Policy

      Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.