न ईरान हार मान रहा न हो रहा समझौता, अमेरिका में महंगाई लगातार बढ़ रही
US-Iran War Update (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : अमेरिका ने इजरायल को साथ लेकिर जब 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमले किए थे तो शायद उसे भी यह विश्वास नहीं था कि यह युद्ध इतना लंबा खिंच जाएगा। इस युद्ध में अमेरिका को काफी ज्यादा खर्च उठाना पड़ा है।
जिसके चलते उसे एक तरफ आर्थिक हानि उठानी पड़ी है वहीं विश्व में अमेरिका की साख को भी कहीं न कहीं नुकसान हुआ है। खुद को दुनिया की सबसे बड़ी आर्ािथक और सैनिक शक्ति बनाते वाले ट्रंप दो माह बाद भी ईरान को हराने में नाकाम रहे हैं। न हो ईरान युद्ध में हार कबूल कर रहा है और न ही किसी तरह का समझौता अमेरिका से कर रहा है।
अमेरिका में लगातार बढ़ रही महंगाई
ईरान युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में मचे हाहाकार का सीधा असर अब महंगाई के रूप में दिखने लगा है। अमेरिका में गैस की बढ़ती कीमतों ने महंगाई को पिछले तीन वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है। इस झटके के कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें भी फिलहाल टलती नजर आ रही हैं।
अमेरिका में महंगाई के ताजा आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि ईरान के साथ जंग शुरू करना राष्ट्रपति ट्रंप को अब भारी पड़ रहा है। वाणिज्य विभाग द्वारा जारी की गई नई रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में महंगाई दर मार्च महीने में फरवरी के मुकाबले 0.7 प्रतिशत बढ़ गई है। वहीं, अगर सालाना आधार पर देखें, तो कीमतों में 3.5 प्रतिशत का भारी उछाल आया है, जो पिछले लगभग तीन वर्षों में सबसे बड़ी बढ़ोतरी है।
महंगाई का मुख्य कारण ईरान युद्ध
इस बेतहाशा महंगाई का मुख्य कारण ईरान युद्ध है, जिसने वैश्विक स्तर पर गैस की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अकेले मार्च महीने में गैस की कीमतों में पिछले महीने की तुलना में लगभग 21 प्रतिशत का भारी उछाल दर्ज किया गया है। ऐसी महंगाई जिसमें खाद्य और ऊर्जा जैसे अधिक उतार-चढ़ाव वाले क्षेत्रों को शामिल नहीं किया जाता, उसमें भी चिंताजनक वृद्धि हुई है। मार्च में कोर महंगाई दर मासिक आधार पर 0.3 प्रतिशत बढ़ी है और सालाना आधार पर यह 3.2 प्रतिशत अधिक रही, जो फरवरी के 3 प्रतिशत के आंकड़े से ज्यादा है। नीतिगत फैसले लेने के लिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व मुख्य रूप से इसी कोर महंगाई पर नजर रखता है।

