रिजर्व बैंक के निवेश संबंधी सुधारों के बाद देश में 75 अरब डॉलर निवेश आने की उम्मीद
Foreign Investors (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : पश्चिम एशिया तनाव और पिछले कई माह से विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय बाजार से पूंजी निकासी के चलते देश की अर्थव्यवस्था पर लगातार दबाव बना हुआ है। इसी से राहत पाने और विदेशी निवेशको को आकर्षित करने के लिए कई नए प्रयास शुरू किए हैं। आरबीआई ने विदेशी निवेशकों पर लगे कई तरह के अतिरिक्त शुल्क हटाने की भी घोषणा की है।
इससे उम्मीद जताई जा रही है कि विदेशी निवेशकों का उत्साह दोबारा बनेगा और वे भारतीय बाजार में दोबारा से निवेश करेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की हालिया नीतिगत घोषणाओं और निवेश संबंधी सुधारों से भारत में 75 अरब डॉलर तक की विदेशी पूंजी आ सकती है। एसबीआई रिसर्च और कोटक सिक्योरिटीज की रिपोर्टों में कहा गया है कि इन सुधारों से विदेशी निवेश बढ़ेगा, रुपये को मजबूती मिलेगी और सरकारी उधारी की लागत कम हो सकती है।
आर्थिक वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत की
एसबीआई का अनुमान है कि आरबीआई के उपायों से कम से कम 40 अरब डॉलर का निवेश आ सकता है, जबकि कोटक सिक्योरिटीज ने 50 से 75 अरब डॉलर तक पूंजी प्रवाह की संभावना जताई है। दोनों संस्थानों का मानना है कि अगस्त में मौद्रिक नीति समिति रेपो दर को 5.25 प्रतिशत पर ही बरकरार रख सकती है।
आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 6.6 प्रतिशत कर दिया है, जो पहले 6.9 प्रतिशत था। केंद्रीय बैंक ने इसके लिए कमजोर वैश्विक मांग, आपूर्ति शृंखला में व्यवधान और अल नीनो से जुड़े जोखिमों को जिम्मेदार बताया है। वहीं खुदरा महंगाई का अनुमान बढ़ाकर 5.1% कर दिया गया है।
पीएम मोदी ने किया आर्थिक विकास पर मंथन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक उथल पुथल के बीच आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के सदस्यों के साथ भारत की आर्थिक वृद्धि को और गति देने के उपायों पर विचार विमर्श किया और सुझाव लिए। पीएम व आर्थिक सलाहकार परिषद के बीच हुई इस बैठक में मुख्य रूप से उन रणनीतियों पर मंथन किया गया, जो भारत को वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के दौर में भी तेजी से आगे बढ़ने में मदद कर सकती हैं।
अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए केवल नीतियां बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर सुधार करना भी जरूरी है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए विभिन्न सुझावों और नीतिगत कदमों पर विचार-विमर्श हुआ। इसके साथ ही जीवन की सुगमता और कारोबार की सुगमता को बेहतर बनाने से जुड़े सुधारों पर भी मंथन हुआ।
ये भी पढ़ें : LPG Cylinder Price Hike : रसोई गैस के बढ़े दाम, घरेलू सिलेंडर 29 रुपए हुआ महंगा

