- संजय राउत ने बागियों को दी गाली
Maharashtra Politics, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: देश में राजनीतिक पार्टियों में टूट का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। आम आदमी पार्टी (आप) के बाद ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और अब महाराष्ट्र की सियासत में उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका लगा है। उद्धव की शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से 6 सांसदों ने बगावत कर दी है। बुधवार सुबह सभी छह सांसदों ने दिल्ली में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर शिंदे गुट में विलय की अनुमति मांगी।
अलग गुट के रूप में ओम बिरला ने दी मंजूरी
इसके बाद मिली जानकारी के मुताबिक इन छह सांसदों के गुट को अलग गुट के रूप में ओम बिरला ने मंजूरी दे दी है और अब ये गुरुवार को लोकसभा स्पीकर के सामने पेश होकर सचिवालय में दिए पत्र पर अपने हस्ताक्षर की पुष्टि करेंगे। सूत्रों के अनुसार यूबीटी के सांसदों ने पहले ही लोकसभा स्पीकर को एक अलग ग्रुप बनाने के लिए लेटर दिया था। बताया जा रहा है कि मंगलवार को उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय से संपर्क किया था। इस बीच दिल्ली में राज्यसभा सांसद संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बागी सांसदों को गाली दी। उन्होंने कहा, ये साले बेईमान लोग हैं। बेईमानी उनके खून में हैं। राउत ने बाद में सफाई देते हुए कहा, मराठी में ऐसे शब्द आम बोलचाल का हिस्सा हैं।
शिवसेना में 4 साल में यह दूसरी बड़ी टूट
बता दें कि शिवसेना में चार साल में यह दूसरी बड़ी टूट है। जून 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 39 विधायकों ने बगावत कर शिवसेना का अलग गुट बनाया था। बता दें कि इससे पहले गत अप्रैल में आप के सांसद राघव चड्ढा ने बगाबत कर दी थी। उसके बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की करारी हार के बाद पार्टी में बगाबत हो गई है। टीएमसी के सांसदों ने एनडीए के साथ काम करने की इच्छा जताई है। सांसदों की इस तरह लगातार बगाबत कर एनडीए की तरफ झुकाव से महिला आरक्षण विधेयक के संसद में पास होने की राहत आसान हो सकती है। गौरतलब है कि इससे पहले संसद में सदस्यों की कमी के चलते महिला आरक्षण विधेयक पास नहीं हो सकता है।
टीएमसी के बागी गुट ने किया है एनसीपीआई में विलय
टीएमसी के 28 सांसदों में से 20 बागी सांसदों के गुट ने भी हाल ही में त्रिपुरा की नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी (एनसीपीआई) में विलय किया है। बागी गुट की नेता काकोली घोष दस्तीदार ने पिछले सप्ताह लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र सौंपने के बाद इसका ऐलान किया। उन्होंने कहा, हम पीएम मोदी के नेतृत्व में एनडीए के साथ काम करेंगे।
‘आप’ के 10 में से 7 एमपी थाम चुके हैं बीजेपी का दामन
‘आप’ के 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 बीते अप्रैल में बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। राघव चड्ढा की पार्टी से अनबन के बाद सभी सातों सांसद ‘आप’ को छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। बता दें कि राघव चड्ढा को ‘आप’ के डिप्टी लीडर पद से हटाया गया था जिसके बाद उन्होंने और पार्टी के छह सांसदों ने बीजेपी में विलय का निर्णय लिया था। इसके बाद आप के पास राज्यसभा में सिर्फ 3 सीटें बची हैं।
मानसून सत्र में सरकार दोबारा ला सकती है महिला आरक्षण बिल
संसद का मानसून सत्र अगले महीने से शुरू होने वाला है और इससे पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। चर्चा है कि सरकार संसद के मानसून सत्र में महिलाओं के लिए लोकसभा और विधानसभाओं में आरक्षण लागू करने वाला बिल दोबारा ला सकती है। अगर टीएमसी के 20 बागी सांसद भी समर्थन देते हैं और उद्धव गुट के 6 सांसद व डीएमके भी साथ आ जाती है तो एनडीए के सांसदों की संख्या बढ़ जाएगी। हालांकि फिर भी जरूरी 360 के आंकड़े से संख्या कुछ कम होगी।
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