Banking stocks crash : जून तिमाही के नतीजे आने के बाद सोमवार को बैंकिंग के शेयरों में जबरदस्त गिरावट देखी जा रही है। HDFC बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और एक्सिस बैंक के शेयरों में 5.5% तक की गिरावट आ चुकी है। ऐसे में बैंकिंग के शेयरों में निवेश जारी रखा जाए या इससे बाहर निकला जाए, इसे लेकर निवेशकों में बड़ा असमंजस है। हालांकि, एकदिनी गिरावट कोई मायने नहीं रखती, लेकिन कुछ अहम आंकड़ों पर गौर करके हम अपने निवेश की दिशा तय कर सकते हैं।
NII में आई गिरावट
HDFC बैंक के लोन और डिपॉजिट में क्रमश: 15.4% और 13.3% की बढ़ोतरी हुई है, जबकि मुनाफे में 5% की वृद्धि हुई है। हालांकि, नेट इंट्रेस्ट मार्जिन 3.26% पर है, जो साल 2023 में पैरेंट कंपनी HDFC के साथ मर्जर से पहले 4% के लेवल पर था। इसके अलावा, बैंक का शेयर 4.7% की गिरावट के साथ 781.05 रुपये पर कारोबार कर रहा है।
कोटक महिंद्रा बैंक
कोटक महिंद्रा बैंक एक बड़े सिमेट्रिकल ट्रायंगल पैटर्न में ट्रेड कर रहा है, जो किसी बड़े बदलाव से पहले कंसोलिडेशन (स्थिरता) का संकेत देता है। हाल ही में स्टॉक को 390–397 रुपये के आसपास ऊपरी ट्रेंडलाइन के पास रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ा और इसमें मुनाफावसूली देखी गई, जबकि 370–375 रुपये के पास निचली ट्रेंडलाइन अहम सपोर्ट दे रही है। RSI न्यूट्रल 45 लेवल के आसपास बना हुआ है, जो बताता है कि किसी भी दिशा में कोई मजबूत मोमेंटम नहीं है।
एक्सिस बैंक
एक्सिस बैंक के शेयर में 1,300–1,320 रुपये के अहम रेजिस्टेंस जोन के ऊपर टिके रहने में नाकाम रहने के बाद बड़ी गिरावट देखी गई है, जो ऊंचे लेवल पर मुनाफावसूली का संकेत है। यह स्टॉक अभी 1,250–1,260 रुपये के आसपास अपने मीडियम-टर्म ट्रेंडलाइन सपोर्ट के करीब ट्रेड कर रहा है, जो नजर रखने के लिए एक अहम लेवल है। अगर यह इस जोन के नीचे जाता है, तो 1,220 रुपये और 1,180 रुपये की तरफ बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। RSI 50 के लेवल से नीचे आ गया है, जो कमजोर मोमेंटम दिखाता है।
HDFC बैंक
HDFC बैंक 810–815 रुपये के रेजिस्टेंस जोन के पास से लौटने के बाद शॉर्ट-टर्म सेलिंग प्रेशर में है। हाल के सेशन में इसमें तेज गिरावट देखी गई और एक ‘बेयरिश कैंडल’ बनी। स्टॉक अपने अहम शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है, जो कमजोरी का संकेत है, जबकि 745–750 रुपये के पास लॉन्ग-टर्म ट्रेंडलाइन एक अहम सपोर्ट का काम कर रही है। RSI भी ओवरबॉट जोन से नीचे आ गया है, जिससे पता चलता है कि तेजी का मोमेंटम कम हो रहा है।

