नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग में गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाने वाले वैभव सूर्यवंशी के इंटरनेशनल डेब्यू का सबको इंतजार था. हर तरफ उनको प्लेइंग इलेवन में मौका दिए जाने को लेकर चर्चा हुई. आयरलैंड में उनको मैच खेलने का मौका नहीं मिला. इंग्लैंड में तीन मुकाबले में उतारा गया लेकिन वो रन बनाने में नाकाम रहे. 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के लिए जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज बेहद अहम साबित हो सकती है. अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वह हरारे में दमदार वापसी कर पाएंगे.
वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ तीन टी20 मैचों में 14, 13 और 15 रन की पारियां खेलीं. उन्होंने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी की झलक जरूर दिखाई, लेकिन बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे. खासकर तेज गेंदबाजों की शॉर्ट पिच गेंदों ने उन्हें काफी परेशान किया. क्रिकेट जानकारों का मानना है कि वैभव में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का स्तर आईपीएल या जूनियर क्रिकेट से कहीं अधिक कठिन है.

शॉर्ट बॉल बनी सबसे बड़ी कमजोरी
इंग्लैंड दौरे के दौरान वैभव दो बार उछाल वाली गेंद पर आउट हुए. इससे पहले आईपीएल और श्रीलंका में खेली गई ट्राई वनडे सीरीज में भी शॉर्ट बॉल के खिलाफ उनकी कमजोरी देखने को मिली थी. सिर्फ 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे वैभव के लिए यह सीखने का दौर माना जा रहा है. जोफ्रा आर्चर ने उनको डेब्यू मैच में जैसे आउट किया उससे पता चल गया कि आईपीएल और टी20 इंटरनेशनल में खेलना अलग अलग बात है.
हरारे की परिस्थितियां भारत जैसी बल्लेबाजी के लिए आसान नहीं हैं. जिम्बाब्वे के पास ब्लेसिंग मुजरबानी, रिचर्ड नगरावा और ब्रैड इवांस जैसे तेज गेंदबाज हैं. इन सभी गेंदबाजों के पास एक्स्ट्रा बाउंस के साथ तेजी भी है. एक साथ दोनों का सामना करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण होगा. इसके अलावा कप्तान सिकंदर रजा अपनी स्पिन गेंदबाजी से भी वैभव की परीक्षा ले सकते हैं.
क्रिकेट जानकारों का मानना है कि वैभव को अपनी स्वाभाविक आक्रामक बल्लेबाजी पर थोड़ा नियंत्रण रखना होगा. शुरुआत में विकेट पर समय बिताकर परिस्थितियों को समझना होगा. इसके बाद बड़े शॉट खेलना उनके लिए ज्यादा फायदेमंद रहेगा. अगर आते ही आक्रामक तरीके से बल्ला चलाने लगेंगे तो वो बड़ी पारी नहीं खेल पाएंगे. हर बॉल पर शॉट लगाना कई बात गेंदबाजों को विकेट लेने का ज्यादा मौका देता है.

