
पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में हिमस्खलन की चपेट आने से गई जान
Nirmal Purja Death, (द भारत ख़बर), इस्लामाबाद: नेपाल के मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा की मौत की पुष्टि हो गई है। वह पाकिस्तान की काराकोरम रेंज में ब्रॉड पीक पर आए जबरदस्त बफीर्ले तूफान (एवलांच) की चपेट में आने के बाद लापता हो गए थे। रेस्क्यू आॅपरेशन के बाद उनकी मौत की पुष्टि एलीट एक्सपेड ने की है।
पुर्जा इसी एक्सपेडिशन कंपनी से जुड़े थे। बफीर्ले तूफान के बाद उनके लापता होने के एक दिन बाद यह जानकारी सामने आई। पुर्जा ने पर्वतारोहण में कई रिकॉर्ड अपने नाम किए थे।
निर्मल समेत 10 पर्वतारोही हो गए थे लापता
निर्मल 30 जुलाई को काराकोरम इलाके में 8,051 मीटर ऊंची ब्रॉड पीक पर चढ़ाई कर रहे थे। इस दौरान करीब 7,000 मीटर की ऊंचाई पर यह हादसा हुआ। इसमें निर्मल समेत 10 पर्वतारोही लापता हो गए थे। इस अभियान में नेपाल के छह और पाकिस्तान, ओमान, अमेरिका और चीन का एक-एक पर्वतारोही शामिल था। पुर्जा ने 2012 में ब्रिटिश नागरिकता ले ली थी, जिसके बाद उनकी नेपाली नागरिकता खत्म हो गई थी।
निर्मल पुर्जा कौन थे?
पुर्जा ना सिर्फ नेपाल बल्कि दुनिया के सबसे मशहूर पर्वतारोहियों में से थे। 2019 में दुनिया की 8,000 मीटर से ऊंची सभी 14 चोटियों पर सिर्फ छह महीने से कुछ ज्यादा समय में चढ़ाई करने से उन्हें दुनियाभर में पहचान मिली। इस कारनामे ने दक्षिण कोरियाई पर्वतारोही किम चांग-हो का पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने यह चुनौती सात साल में पूरी की थी।
16 साल ब्रिटिश सेना में बिताए

पुर्जा के रिकॉर्ड तोड़ने वाले अभियान को बाद में नेटफ्लिक्स की डॉक्यूमेंट्री 14 पीक्स: नथिंग इज इम्पॉसिबल’ में दिखाया गया। पेशेवर पर्वतारोही बनने से पहले, पुर्जा ने 16 साल ब्रिटिश सेना में बिताए। उन्होंने शुरूआत में ब्रिगेड आॅफ गोरखाज के साथ सेवा की और बाद में स्पेशल बोट सर्विस में शामिल हुए, जो रॉयल नेवी की एक खास स्पेशल फोर्स यूनिट है।
तीसरी बार ब्रॉड पीक की चढ़ाई में जान गई
निर्मल पुर्जा ने पहली बार ब्रॉड पीक को 2019 में प्रोजेक्ट पॉसिबल के दौरान फतह किया था। ब्रॉड पीक को दुनिया के सबसे मुश्किल पर्वतों में गिना जाता है। दूसरी बार इस चोटी को उन्होंने 2023 में फतह किया। तब उन्होंने बिना सप्लीमेंट आॅक्सीजन के चढ़ाई की थी।
इस चढ़ाई की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि उन्होंने पाकिस्तान की पांचों 8,000 मीटर से ऊंची चोटियां (नंगा पर्वत, गाशरब्रुम-2, गाशरब्रुम-1, ब्रॉड पीक और के2) सिर्फ 26 दिनों में फतह कर नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। तीसरी बार ब्रॉड पीक पर चढ़ाई के दौरान शिखर के पास हिमस्खलन की चपेट में आने से उनका निधन हो गया।
