नई दिल्ली. दुनियाभर में अपने भव्य आयोजन और धार्मिक महत्व के लिए मशहूर माघ मेले की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है. गंगा, यमुना और सरस्वती के पावन संगम तट पर आयोजित होने वाले सबसे बड़े धार्मिक मेले की तिथियों के साथ ही तमाम भक्तों में उत्साह है. इसकी जानकारी प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने खुद साझा की है. माघ मेला 2027 की तिथियों की घोषणा के साथ ही इसकी तैयारी भी शुरू हो चुकी है.
श्रद्धालुओं के लिए सबसे अच्छी खबर यह है कि इस बार का महानुष्ठान 50 दिनों तक चलेगा. इस माघ मेले की शुरुआत 15 जनवरी मकर संक्रांति के दिन होगी और छह मार्च को इसका समापन किया जाना है. माघ मेला का आयोजन करने वाली समिति जल्द ही इसके बजट की भी घोषणा करेगी. इस बार तीन स्नान पर्व शनिवार को, दो शुक्रवार को और एक गुरुवार को होगा. कल्पवास इस बार पुरुषोत्तम माह की वजह से देर से शुरू होगा.
तमाम श्रद्धालुओं को माघ मेला के स्नान की जानकारी भी साझा की जा रही है. इस बार के मेला में पहला स्नान मकर संक्रांति का होगा को होगा जो 15 जनवरी को पड़ेगा. दूसरा स्नान 22 जनवरी को पौष पूर्णिमा को किया जाएगा. जप और तप का कल्पवास भी इसी तिथि से शुरू हो जाएंगे. इस बार के माघ मेला के मौनी अमावस्या का स्नान पर्व छह फरवरी को किया जाएगा. आप सभी को बता दें कि इस स्नान को मेला के सबसे प्रमुख्य स्नान पर्व के तौर पर मनाया जाता है. मौनी अमावस्या के दिन सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद जताई गई है.
माघ मेले की शुरुआत 15 जनवरी से होगी और 11 फरवरी को वसंत पंचमी होगा. 20 फरवरी को माघी पूर्णिमा का स्नान होगा. इसी तारीख के साथ ही कल्पवास का समापन हो जाएगा. मेला का अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि छह मार्च को होगा. मेला प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि इस बार के माघ मेले में लगभग 25 से 28 करोड़ श्रद्धालु आएंगे.
मकर संक्रांति – 15 जनवरी (शुक्रवार)
पौष पूर्णिमा – 22 जनवरी (शुक्रवार)
मौनी अमावस्या – 6 फरवरी (शनिवार)
वसंत पंचमी — 11 फरवरी (गुरुवार)
माघी पूर्णिमा –20 फरवरी (शनिवार)
महाशिवरात्रि — 6 मार्च (शनिवार)

