Agni-4 vs BrahMos Missile Comparison: भारत ने गुरुवार को मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का सफल परीक्षण कर लिया। करीब 4000 किमी तक दुश्मन का सफाया करने वाली यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। अग्नि-4 मिसाइल की जद में पाकिस्तान, चीन और तुर्किए जैसे देश हैं। 6 अगस्त 2026 को ओडिशा स्थित इंटीग्रेटेड टेस्टिंग रेंज चांदीपुर से अग्नि-4 मिसाइल का परीक्षण किया गया। अग्नि मिसाइल सीरीज भारत के डिफेंस सिस्टम का मजबूत आधार है। अग्नि-1 से लेकर अग्नि-5 तक की मिसाइलें अलग-अलग दूरी के लक्ष्यों को टारगेट कर तबाह कर सकती हैं। अग्नि-4 मिसाइल मध्यम दूरी के लक्ष्यों के लिए बनाई गई है और इसमें ठोस ईंधन तकनीक का इस्तेमाल होता है। इसे सड़क मोबाइल लॉन्चर से भी दागा जा सकता है।
Agni-4 मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत
अग्नि-4 मिसाइल को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने विकसित किया है। यह टू-स्टेज (Two Stage) ठोस ईंधन वाली बैलिस्टिक मिसाइल है। इसकी लंबाई करीब 20 मीटर और वजन लगभग 17 टन बताया जा रहा है। यह करीब 4000 किलोमीटर तक की दूरी तक लक्ष्य को भेद सकती है और लगभग 1000 किलोग्राम तक पेलोड ले जाने में सक्षम है। अग्नि-4 की खासियत इसका एडवांस नेविगेशन सिस्टम है। इसमें रिंग लेजर जाइरो आधारित इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम (RINS), माइक्रो नेविगेशन सिस्टम और आधुनिक ऑन-बोर्ड कंप्यूटर जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। इसकी सटीकता भी काफी अधिक है, जिससे यह लंबी दूरी पर लक्ष्य को निशाना बना सकती है। यह मिसाइल सड़क आधारित मोबाइल लॉन्चर से दागी जा सकती है, जिससे इसकी तैनाती और संचालन में आसानी होती है। अग्नि-4 का मुख्य उद्देश्य भारत की मिसाइल क्षमता को मजबूत करना है।
क्या BrahMos मिसाइल से ज्यादा पावरफुल?
डिफेंस एक्सपर्ट्स की मानें तो अग्नि-4 लंबी दूरी तक रणनीतिक हमला करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है, जबकि ब्रह्मोस कम दूरी की बेहद तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जिसका इस्तेमाल सटीक हमलों के लिए किया जाता है। दोनों मिसाइलें अलग-अलग तरह की हैं और इनका इस्तेमाल भी अलग-अलग है। अग्नि-4 और ब्रह्मोस की तुलना सीधे तौर पर करना सही नहीं होगा, क्योंकि दोनों का उद्देश्य अलग है। अग्नि-4 भारत की लंबी दूरी की मिसाइल है, जो हजारों किलोमीटर दूर स्थित लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए बनाई गई है। वहीं, ब्रह्मोस तेज, सटीक और कम समय में हमला करने वाली सामरिक मिसाइल है। अगर लंबी दूरी और रणनीतिक क्षमता की बात करें तो अग्नि-4 आगे है, जबकि गति, कम प्रतिक्रिया समय और सटीक हमले के मामले में ब्रह्मोस की अपनी अलग पहचान है।
ब्रह्मोस मिसाइल की क्या है खासियत?
ब्रह्मोस भारत और रूस के संयुक्त सहयोग से विकसित की गई सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। इसका नाम भारत की ब्रह्मपुत्र और रूस की मॉस्कवा नदियों के नाम पर रखा गया है। यह मिसाइल जमीन, समुद्र और हवा से लॉन्च की जा सकती है। ब्रह्मोस की सबसे बड़ी ताकत इसकी गति है। यह लगभग Mach 2.8 (ध्वनि की गति से करीब तीन गुना) की रफ्तार से उड़ सकती है। इसकी शुरुआती संस्करणों की रेंज करीब 290 किलोमीटर थी, जबकि नए संस्करणों में रेंज बढ़ाई गई है। यह करीब 200-300 किलोग्राम तक पारंपरिक वारहेड ले जा सकती है। ब्रह्मोस फायर एंड फॉरगेट तकनीक पर काम करती है। लॉन्च के बाद इसे लगातार नियंत्रित करने की जरूरत कम होती है। इसकी तेज गति और कम उड़ान ऊंचाई इसे दुश्मन की एयर डिफेंस प्रणाली के लिए चुनौतीपूर्ण बनाती है।
क्या है BrahMos और Agni-4 मिसाइल में अंतर?
अग्नि-4 मिसाइल लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है, जबकि ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है।
अग्नि-4 मिसाइल की रेंज करीब करीब 4000 किलोमीटर है, जबकि ब्रह्ममोस की रेंज करीब 290 किमी है।
अग्नि-4 मिसाइल की स्पीड करीब मैक 7 से मैक 9 है, जबकि ब्रह्मोस की स्पीड लगभग Mach 2.8 तक है।
अग्नि-4 मिसाइल ठोस ईंधन से चलती है, जबकि ब्रह्मोस ठोस बूस्टर और लिक्विड रैमजेट इंजन से चलती है।
अग्नि-4 1000 किग्रा तक हथियार ले जा सकती है, जबकि ब्रह्मोस 200-300 किग्रा वारहेड ले जा सकती है।
अग्नि-4 लंबी दूरी के हमलों के लिए, जबकि ब्रह्मोस तेज और कम दूरी के हमलों के लिए उपयोग की जाती है।
अग्नि-4 मोबाइल लॉन्चर से दागी जाती है, जबकि ब्रह्मोस जमीन, युद्धपोत और विमान से लॉन्च की जा सकती है।
अग्नि-4 परमाणु और पारंपरिक दोनों तरह के पेलोड ले जाने में सक्षम, जबकि ब्रह्मोस पारंपरिक वारहेड ले जाती है।

