SIP Investment: हर व्यक्ति किसी न किसी मकसद से निवेश करता है। अधिकतर लोगों का मकसद निवेश के जरिए जल्द से जल्द अमीर बनना होता है। लेकिन छोटी सी रकम से तुरंत अमीर बनना संभव नहीं है। इसके लिए बहुत धैर्य रखना पड़ता है और प्रतिकूल परिस्थितियों में दिमाग से काम लेना पड़ता है।
आजकल SIP, निवेश का एक बेहद अहम जरिया है। बहुत सारे लोग SIP में निवेश कर रहे हैं। यह निवेश शेयर बाजार से जुड़ा होता है। बाजार का प्रदर्शन कभी अच्छा तो कभी उम्मीद के अनुकूल नहीं होता है। अगर बाजार गिरता है, तो लोग अक्सर SIP बंद कर देते हैं। यह निवेश के लिए आदर्श स्थिति नहीं है। इस रिपोर्ट में हम जानेंगे कि किन 7 बड़ी वजहों से लोग SIP बंद करते हैं और आपके सामने भी ऐसी स्थितियां हों तो आपको क्या करना है।
पैसे डूबने का डर
मार्केट में गिरावट आते ही लोग सोचने लग जाते हैं कि उनके सारे पैसे डूब जाएंगे और इसलिए तुरंत SIP बंद कर देते हैं।
धैर्य की कमी
लोग बहुत जल्द अमीर बनना चाहते हैं। अगर साल दो साल में उन्हें उनकी उम्मीद के अनुकूल परिणाम नहीं मिलते हैं, तो वे SIP बंद कर देते हैं।
पैसों की जरूरत
लोग घर में इमरजेंसी आने पर अक्सर SIP बंद कर देते हैं, क्योंकि उन्होंने अपना इमरजेंसी फंड नहीं बनाया होता है।
गलत जानकारी
SIP, मार्केट और Mutual fund के बारे में पूरी जानकारी न होने की भी वजह से लोग SIP बीच में ही छोड़ देते हैं।
दूसरों से तुलना
दूसरों को जल्दी पैसा बनाते देखकर लोग अपनी SIP छोड़कर गलत जगह पर निवेश शुरू कर देते हैं।
लक्ष्य तय नहीं करना
जिन लोगों का लक्ष्य तय नहीं होता है वे मार्केट में छोटी-मोटी गिरावट होने पर भी SIP बंद करते देते हैं।
भटकाव और लाइफस्टाइल
नया फोन, घूमना-फिरना और अपने शौक पूरे करना ज्यादा जरूरी समझने लगते हैं इस वजह से भी SIP बंद कर देते हैं।
बीच में SIP छोड़ने के नुकसान
अगर आप बीच में SIP छोड़ देते हैं, तो आपका सपना, आपका पैसा और आपकी मेहनत तीनों अधूरे रह जाते हैं।
आपको क्या करना है?
- कम से कम 7-10 सालों के लिए SIP में निवेश करें
- इमरजेंसी फंड पहले से बनाएं
- मार्केट में गिरावट होने पर SIP बंद नहीं करें, बल्कि उसे चालू रखें
- निवेश का लक्ष्य तय कर लें और उसपर फोकस करें। ये लक्ष्य कुछ भी हो सकते हैं- जैसे कि घर, आर्थिक स्वतंत्रता, बच्चों की पढ़ाई या सुखमय रिटायरमेंट
- SIP को खर्च नहीं, बल्कि निवेश समझें
याद रखने वाली बात
SIP कोई जादू नहीं, बल्कि यह समय और अनुशासन का कमाल है।
समय+धैर्य+अनुशासन = करोड़पति

