Who Is Pak Bowler Razaullah: इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच एजबेस्टन में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट के पहले दिन पाकिस्तान को भले ही बल्लेबाजी में बड़ा झटका लगा, लेकिन 21 साल के तेज गेंदबाज रजाउल्लाह ने अपनी पहली ही टेस्ट पारी में ऐसा कमाल कर दिया, जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। टेस्ट डेब्यू कर रहे रजाउल्लाह ने इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट को अपने पहले ओवर में LBW आउट कर दिया। यह उनके टेस्ट करियर का पहला विकेट था और विकेट भी ऐसा जिसे किसी युवा गेंदबाज के लिए सपने जैसा माना जा सकता है।
डेब्यू टेस्ट में दिखी गेंदबाजी की रफ्तार
रजाउल्लाह की गेंदबाजी की सबसे खास बात उनकी रफ्तार और एक्शन रही। उन्होंने अपने शुरुआती ओवर्स में करीब 143 से 148 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की। उनकी गेंद में गति के साथ-साथ बल्लेबाज के लिए मुश्किल पैदा करने वाला मूवमेंट भी दिखाई दिया। जो रूट का विकेट भी इसी वजह से खास रहा। रजाउल्लाह की गेंद अच्छी लेंथ पर पड़ी और तेजी से अंदर आई। रूट गेंद की रफ्तार से मात खा गए और गेंद उनके पैड से जा टकराई। अंपायर ने तुरंत LBW दे दिया। जो रूट ने रिव्यू लिया, लेकिन बॉल-ट्रैकिंग में भी फैसला पाकिस्तान के पक्ष में रहा। इस तरह रजाउल्लाह ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत इंग्लैंड के सबसे अनुभवी बल्लेबाजों में से एक को आउट करके की। कई लोग रजाउल्लाह की तुलना शोएब अख्तर से कर रहे हैं।
जो रूट का विकेट क्यों है खास?
इंग्लिश क्रिकेटर जो रूट टेस्ट क्रिकेट के सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल हैं। ऐसे बल्लेबाज को टेस्ट डेब्यू के दौरान अपने पहले ही ओवर में आउट करना किसी भी गेंदबाज के लिए बड़ी उपलब्धि है। रूट उस समय केवल 8 रन बनाकर आउट हुए। रजाउल्लाह की गेंद ने उन्हें गति से चौंकाया और वह सही समय पर गेंद को खेलने में सफल नहीं हुए। इस विकेट ने पाकिस्तान को इंग्लैंड की पारी में शुरुआती दबाव बनाने का मौका दिया। यह भी दिलचस्प है रजाउल्लाह ने रूट को आउट करने के बाद अपना प्रभाव खत्म नहीं होने दिया। उन्होंने बाद में इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज एमिलियो गे को 60 रन पर बोल्ड किया। दिन का खेल खत्म होने तक रजाउल्लाह ने 9 ओवर में 42 रन देकर 2 विकेट लिए।
वकार यूनिस से क्यों हो रही तुलना?
रजाउल्लाह के एक्शन ने पाकिस्तान के महान तेज गेंदबाज वकार यूनिस की याद दिला दी है। उनकी रन-अप और गेंद छोड़ने का तरीका कुछ हद तक वकार के पुराने एक्शन जैसा दिखाई देता है। इसी कारण सोशल मीडिया पर दोनों की तुलना शुरू हो गई है। हालांकि अभी रजाउल्लाह का करियर बिल्कुल शुरुआत में है। इसलिए उन्हें वकार यूनिस के स्तर का गेंदबाज कहना जल्दबाजी होगी। लेकिन उनकी रफ्तार, गेंदबाजी एक्शन और डेब्यू पर बड़े बल्लेबाज का विकेट यह जरूर दिखाता है कि पाकिस्तान के पास एक प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज मौजूद है।
सिर्फ 8 फर्स्ट क्लास मैचों के बाद डेब्यू
रजाउल्लाह के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी बड़ी है, क्योंकि उन्होंने टेस्ट डेब्यू से पहले बहुत ज्यादा फर्स्ट-क्लास क्रिकेट नहीं खेला था। ICC के अनुसार उन्होंने टेस्ट में उतरने से पहले सिर्फ 8 फर्स्ट-क्लास मैच खेले थे। ऐसे में इंग्लैंड जैसे मजबूत बल्लेबाजी क्रम के खिलाफ उतरना अपने आप में बड़ी चुनौती थी। लेकिन रजाउल्लाह ने दबाव में घबराने के बजाय अपनी प्राकृतिक तेज गेंदबाजी पर भरोसा किया। उनके प्रदर्शन की तारीफ पाकिस्तान के पूर्व और इंग्लैंड के क्रिकेट विशेषज्ञों ने भी की है। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने भी उनके प्रदर्शन की सराहना की।

