Delhi News: दिल्ली की फ्रेंड्स कॉलोनी में अतिक्रमण को लेकर पिछले कई महीनों से कानूनी लड़ाई चल रही है। फ्रेंड्स कॉलोनी (ईस्ट) के C-ब्लॉक के रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) का आरोप है कि कॉलोनी में बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन के दौरान कई जगहों पर अतिक्रमण किया गया और निर्माण सामग्री को रोड पर ही डाल दिया गया। इससे रोड, फुटपाथ और सीवेज ब्लॉक हो गए और बरसात के दौरान कॉलोनी में जलभराव हुआ। इसके अलावा निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को रहने के लिए अस्थायी निर्माण भी किए गए। इससे कॉलोनी के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
हाईकोर्ट ने दिया था अतिक्रमण हटाने का आदेश
इस मामले को लेकर RWA ने अगस्त में दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया और 13 अगस्त को हाईकोर्ट ने अतिक्रमण हटाने का आदेश भी दिया। MCD और PWD के अधिकारी अतिक्रमण हटाने भी गए, लेकिन थोड़ा बहुत ही अतिक्रमण हटाया गया। इसके बाद RWA ने फिर अधिकारियों को लेटर लिखे। PWD के जूनियर इंजीनियर जब अतिक्रमण हटाने गए, तो उनके साथ अग्रिम जैन नाम के व्यक्ति और काम कर रहे मजदूरों ने बदसलूकी की। आरोप है कि उन्हें अनजान नंबरों से कॉल करके धमकाया गया। इसके बाद जूनियर इंजीनियर ने एक्जीक्यूटिव इंजीनियर समेत क्षेत्र के SHO को इसकी शिकायत दी। हालांकि अभी तक पूरी तरह अतिक्रमण साफ नहीं हो पाया है।
RWA के अध्यक्ष के साथ भी गालीगलौज
फ्रेंड्स कॉलोनी (ईस्ट) के सी-ब्लॉक के रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण सहाय ने बताया कि कई बार संबंधित लोगों के साथ मीटिंग की गई, ताकि अतिक्रमण हटाया जा सके। कई मीटिंग में बिल्डिंग के मालिकों ने भरोसा भी दिया कि वे खुद अतिक्रमण हटा लेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जब लोगों को काफी परेशानी होने लगी, तब RWA ने हाईकोर्ट जाने का फैसला किया। इस पर हाईकोर्ट की तरफ से अतिक्रमण हटाने का सख्त आदेश भी दिया गया। कोर्ट के आदेश के बाद MCD और PWD के अधिकारियों ने मौके का मुआयना भी किया। हालांकि अतिक्रमण थोड़ा बहुत ही हटाया जा सका। इस दौरान वहां मौजूद एक बिल्डिंग के मालिक और परिजनों ने इसका विरोध भी किया। इसके बाद अधिकारी वापस चले गए और कई शिकायतों के बावजूद अतिक्रमण बरकरार है। एक बार RWA अध्यक्ष मौके पर जाकर अतिक्रमण का फोटो खींच रहे थे, तब उनके साथ भी बदतमीजी और गालीगलौज की गई। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस को दी, लेकिन इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कॉलोनी के लोग अतिक्रमण से परेशान
RWA की एक्जीक्यूटिव कमेटी के मेंबर राहुल अग्रवाल ने बताया कि कॉलोनी में कई जगहों पर निर्माण कार्य शुरू हुआ, तभी से अतिक्रमण भी शुरू हुआ। कभी गिट्टी-बालू और ईंटें सड़कों पर रख दी गईं, तो कभी इसकी वजह से सीवर ब्लॉक हो गया। कई बार गलियों में सीवर का पानी तक भर गया। कई बार आरडब्ल्यूए की तरफ से इस बारे में संबंधित विभागों को शिकायत दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कई बार MCD, PWD और जल बोर्ड के अधिकारी आए और उन्होंने अतिक्रमण हटाने की कोशिश की, लेकिन पूरी तरह अतिक्रमण से मुक्ति नहीं मिली है। इससे कॉलोनी के लोग काफी परेशान हैं। दिल्ली हाईकोर्ट में मामले की पैरवी कर रही वकील ईरा गुप्ता ने बताया कि हाईकोर्ट ने अगस्त में जल्द अतिक्रमण हटाने और स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का साफ आदेश दिया था। अक्टूबर में इस मामले की अगली सुनवाई है।

