नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम अपने शानदार न्यूजीलैंड दौरे को और बेहतर बनाने शुक्रवार को उतरेगी. 5 मैचों की टी20 सीरीज में जीत की हैट्रिक लगाकर पहले ही श्रेयस अय्यर की टीम 3-0 की अजेय बढ़त बना चुकी है. ऐसे में टीम इंडिया के पास बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को मैदान पर उतरने का मौका देने की पूरी गुंजाइश है.
न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरुआती तीन मुकाबले में जिन खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिला उसमें कुछ को आराम दिया जा सकता है. इस दौरे के लिए चुनी गई 17 सदस्यीय टी20 टीम में से भारत अब तक 13 खिलाड़ियों को आजमा चुका है. चार खिलाड़ी ऐसे हैं, जिन्हें अभी तक खेलने का मौका नहीं मिला है. इनमें अनकैप्ड विकेटकीपर-बल्लेबाज कुमार कुशाग्र भी शामिल हैं. उन्हें चोटिल ईशान किशन के कवर के तौर पर टीम में शामिल किया गया था. कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती और शिवम दुबे अन्य तीन खिलाड़ी हैं, जो अब तक बेंच पर बैठे हैं.

कुलदीप और दुबे वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू टी20 सीरीज में खेल चुके हैं. वरुण चक्रवर्ती ने सितंबर में अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू मैदान पर पहले टी20 मुकाबला खेला था. तब से अब तक कोई मैच नहीं खेला है. उन्हें एक बार फिर चोट लग गई थी. आईपीएल 2026 के बाद से वरुण लगातार चोटों से जूझ रहे हैं. इसके चलते पिछले कुछ महीनों में उन्हें इंग्लैंड, जिम्बाब्वे, अफगानिस्तान, एशियन गेम्स और वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के कुछ या पूरे मुकाबलों से बाहर रहना पड़ा.
न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए चुने जाने का मतलब है कि वरुण ने फिटनेस हासिल कर ली होगी. ऐसे में उन्हें मैदान पर उतारना उनके आत्मविश्वास और फॉर्म के लिए फायदेमंद हो सकता है. हाल के महीनों में वह काफी क्रिकेट से दूर रहे हैं. कुलदीप यादव भी प्लेइंग इलेवन में जगह पाने के मजबूत दावेदार हैं. उन्होंने आखिरी बार रांची में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में हिस्सा लिया था. इस सीजन में भारत बल्लेबाजी को गहराई देने के लिए ऑलराउंडरों को प्राथमिकता दे रहा है. ऐसे में विशेषज्ञ स्पिनरों को ज्यादा मौके नहीं मिल पाए हैं.

भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की टीम में वापसी अब तक उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है. आईपीएल के लगातार दो अच्छे सीजन के बाद करीब चार साल में पहली बार भारतीय टीम में लौटे भुवनेश्वर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन टी20 मुकाबलों में 72 गेंदों पर 139 रन खर्च किए हैं. दूसरे और तीसरे टी20 मैच में युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को मौका मिला, जबकि पहले मुकाबले में मयंक यादव खेले थे. दोनों तेज गेंदबाजों को बारी-बारी से आजमाया गया है. ऐसे में भुवनेश्वर पर प्लेइंग इलेवन में अपनी जगह बनाए रखने का दबाव बढ़ सकता है. अब तक के उनके प्रदर्शन को देखते हुए टीम प्रबंधन अगले मुकाबले में दूसरे खिलाड़ियों को मौका देने पर विचार कर सकता है.

