नई दिल्ली. भारतीय टीम में जगह बनाने की दावेदारी ठोक रहे दिल्ली के स्टार आयुष बदोनी ने रणजी ट्रॉफी में धमाका कर दिया है. मंगलवार को रणजी ट्रॉफी में झारखंड के खिलाफ शानदार दोहरा शतक जड़ा. इस पारी को खेलने के साथ ही उन्होंने विराट कोहली और गौतम गंभीर जैसे दिग्गजों की खास लिस्ट में जगह बना ली. बदोनी लगातार दो फर्स्ट क्लास पारियों में दोहरा शतक लगाने का कारनामा अंजाम दिया. ऐसा करते ही भारतीय बल्लेबाजों के चुनिंदा लिस्ट में शामिल हो गए.
इस महीने की शुरुआत में गुजरात के खिलाफ 217 रन बनाने के बाद दिल्ली के कप्तान बदोनी ने अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी. उन्होंने झारखंड के खिलाफ 228 गेंद पर नाबाद 210 रन बनाए. उनकी इस पारी की बदौलत दिल्ली ने अपनी पहली पारी 515 रन पर घोषित कर दी. बदोनी ने सुमित माथुर के साथ छठे विकेट के लिए 334 रन की विशाल साझेदारी की. पारी घोषित किए जाने के समय माथुर 253 गेंद पर नाबाद 150 रन बनाकर खेल रहे थे. इसके जवाब में झारखंड ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक 4 विकेट पर 131 रन बना लिए थे. उत्कर्ष सिंह 53 रन बनाकर नाबाद थे.
Ayush Badoni with a 210 against Jharkhand. I’m glad that quality middle order batters, who tackle spin and pace equally well, are emerging the ranks in Ranji cricket lately. Rewarding such players always bears good results for the national team, as you can see in the case of Devdutt Padikkal already. #RanjiTrophy
— Priyank Panchal (@PKpanchal09) October 27, 2026
बदोनी ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपनी निरंतरता से एक बार फिर प्रभावित किया है. इस फॉर्मेट में उनका बल्लेबाजी औसत 60 से अधिक है. विराट कोहली और गौतम गंभीर भी उन चुनिंदा भारतीय बल्लेबाजों में शामिल हैं. दोनों ही दिग्गज ने लगातार दो फर्स्ट क्लास पारियों में दोहरे शतक लगाए थे. बदोनी यह उपलब्धि हासिल करने वाले 21वें भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं. इससे पहले स्नेहल कौथंकर ने 2024-25 रणजी ट्रॉफी सीजन में यह कारनामा किया था. उन्होंने लगातार दो दोहरे शतक लगाए और इसके बाद प्रथम श्रेणी क्रिकेट में तिहरा शतक भी जड़ा था. वह गोवा के पहले खिलाड़ी बने थे, जिन्होंने लगातार दो दोहरे शतक लगाने के बाद तिहरा शतक बनाया.
दूसरे दिन दिल्ली ने 5 विकेट पर 309 रन से आगे खेलना शुरू किया. बदोनी और माथुर ने अपनी शानदार बल्लेबाजी जारी रखी. इससे पहले दिल्ली की टीम 181 रन पर 5 विकेट गंवाकर दबाव में आ गई थी. दोनों बल्लेबाजों ने पहले पारी को संभाला और फिर झारखंड के गेंदबाजों पर हावी हो गए. उनकी बड़ी साझेदारी ने दिल्ली को 515 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.

