Chinese smartphones lost market share : भारत में स्मार्टफोन की बढ़ती कीमतों के बीच चीनी स्मार्टफोन की बिक्री में गिरावट लगातार जारी है। जून तिमाही में चीनी स्मार्टफोन का मार्केट शेयर साल 2020 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। स्मार्टफोन शिपमेंट में साल दर साल के आधार पर 10% की गिरावट आई है, जिसके साथ ही शिपमेंट पिछले छह साल में सबसे निचले स्तर पर है। काउंटरपॉइंट ने यह जानकारी दी है।
अब 4जी स्मार्टफोन पर ध्यान
काउंटर पॉइंट ने कहा है कि उपभोक्ताओं द्वारा स्मार्टफोन खरीदने की योजना टालने से ओप्पो, वीवो, श्याओमी, रियलमी, वन प्लस, आईकू और पोको जैसे ब्रैंड के मार्केट शेयर में उल्लेखनीय कमी आई है। अफोर्डेबल स्मार्टफोन सेगमेंट में इन ब्रैंड की बड़ी हिस्सेदारी है। परिणाम स्वरूप कई मैन्युफैक्चर कम कीमत वाले फोन खरीदने वाले ग्राहकों पर फोकस करने के लिए मार्केट में 4जी स्मार्टफोन की रेंज बढ़ाने पर पर ध्यान दे रहे हैं।
बढ़ती कीमतों का प्रतिकूल असर
काउंटरपॉइंट रिसर्च के ‘मंथली इंडिया स्मार्टफोन ट्रैकर’ के मुताबिक, DRAM और NAND मेमोरी की बढ़ती कीमतों की वजह से बार-बार दाम बढ़ाए गए। इसके साथ ही महंगाई का दबाव और लोगों द्वारा गैर-जरूरी चीजों पर खर्च कम करने की वजह से स्मार्टफोन बदलने का समय (रिप्लेसमेंट साइकल) लंबा हो गया, जबकि कंपनियों ने जबरदस्त प्रमोशन और फाइनेंसिंग स्कीम भी चलाई थीं।
औसतन 15% तक बढ़ीं कीमतें
काउंटरपॉइंट रिसर्च में सीनियर ऐनालिस्ट प्राचीर सिंह ने कहा, ”मांग और आपूर्ति दोनों पर प्रतिकूल असर पड़ने से मार्केट दबाव में आ गया। लगभग सभी बड़ी स्मार्टफोन कंपनियों ने कई बार कीमतें बढ़ाईं, जिसकी वजह से तिमाही के अंत तक स्मार्टफोन की औसत कीमतें लगभग 15% तक बढ़ गईं। 15,000 रुपये वाले सेगमेंट पर सबसे ज्यादा असर पड़ा, जिसके शिपमेंट में साल दर साल आधार पर 45% की गिरावट दर्ज की गई।”
प्रीमियम स्मार्टफोन पर नहीं असर
हालांकि, प्रीमियम स्मार्टफोन मार्केट पर मंदी का कोई खास असर नहीं पड़ा है। इसका कारण यह है कि ये फोन आसानी से फाइनेंस हो रहे हैं, जिससे ग्राहकों को एकमुश्त बड़ी रकम नहीं देनी पड़ती।
वीवो का मार्केट शेयर टॉप पर
स्मार्टफोन ब्रैंड की बात करें, तो वीवो 18% मार्केट शेयर के साथ टॉप पर रहा। हालांकि, साल दर साल आधार पर शिपमेंट में कमी आई है। इसकी वजह कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से सबसे ज्यादा बिकने वाले Y और T सीरिज की बिक्री में कमी है।

