
ईरान बोला- ट्रम्प का ताकत के दम पर होर्मुज को दोबारा खुलवाने का सपना उनके साथ ही दफन हो जाएगा
US Iran War, (द भारत ख़बर), तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी: अमेरिका ने शुक्रवार को लगातार छठी रात ईरान पर एयरस्ट्राइक की। इस दौरान भारत के निवेश वाले चाबहार पोर्ट को भी निशाना बनाया गया। हमले में पोर्ट के कंट्रोल (निगरानी) टावर को नुकसान पहुंचा है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कंट्रोल टावर के क्षतिग्रस्त होने की तस्वीर भी शेयर की है।
ईरानी समाचार एजेंसी मेहर ने चाबहार पोर्ट और कंट्रोल टावर पर अमेरिकी हमले की पुष्टि की है। वहीं, अमेरिका की इस कार्रवाई पर ईरानी सांसद बेहनाम सईदी ने कड़ा रूख अपनाया है। उन्होंने अमेरिका को धमकी देते हुए कहा कि अगर अमेरिका ने ईरान पर जमीनी हमला किया, तो अमेरिकी सैनिकों का कत्लेआम कर दिया जाएगा।
भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम है चाबहार पोर्ट
चाबहार पोर्ट भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम है। भारत ने इसके विकास में निवेश किया है और इसका संचालन भारतीय कंपनी इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड कर रही है।
होर्मुज स्ट्रेट में तनाव से कच्चा तेल महंगा
होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 2% की तेजी आई है। दोनों ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई इस हफ्ते अब तक करीब 13% चढ़ चुके हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.53 डॉलर (1.82%) बढ़कर 85.76 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.69 डॉलर (2.14%) की बढ़त के साथ 80.64 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
अमेरिकी हमले बंद होने पर खुलेगा होर्मुज
ईरान के धार्मिक शहर कोम के इमाम मोहम्मद सईदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प को चेतावनी देते हुए कहा कि होर्मुज तभी खोला जाएगा, जब अमेरिका हमले बंद करेगा। उन्होंने ईरानी सैनिकों से युद्ध की रफ्तार बढ़ाने की अपील की और मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिका से जुड़े तेल कुओं और एनर्जी एन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने की अपील की।
इजराइल, अमेरिका की राजनीति को प्रभावित कर रहा
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इजराइल पर आरोप लगाया है कि वह अमेरिका की विदेश नीति और घरेलू राजनीति को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में टाइम मैगजीन की एक रिपोर्ट का जिक्र किया।
इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि राष्ट्रपति ट्रम्प के पूर्व चुनाव अभियान प्रबंधक ब्रैड पार्सकेल (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) समर्थकों को प्रभावित करने के लिए इजराइल से जुड़े एक प्रोग्राम को चला रहे हैं। अराघची ने यह भी कहा कि इजराइल अमेरिकी टैक्सदाताओं के पैसे का इस्तेमाल अमेरिका में अपने आलोचकों की आवाज दबाने के लिए भी कर रहा है।
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