Commonwealth Games 2026 Updates: जब देश के कई खिलाड़ी कॉमनवेल्थ गेम्स के मंच पर भारत का तिरंगा ऊंचा कर रहे थे, तब उत्तर प्रदेश पुलिस की एक महिला दरोगा ने भी अपनी मेहनत और हौसले से इतिहास रच दिया। अस्मिता डे कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय जूडोका बन गई हैं। कुछ ही मिनटों बाद हर्ष सिंह ने भी स्वर्ण जीतकर जूडो में भारत के गोल्ड की संख्या दोगुनी कर दी। इसके अलावा यामिनी मौर्य ने भी जूडो में सिल्वर मेडल हासिल किया।अस्मिता ने गोल्ड मेडल जीतकर न सिर्फ देश का नाम रोशन किया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि जिम्मेदारियों के बीच भी सपनों को पूरा किया जा सकता है। दिन में पुलिस की ड्यूटी निभाने वाली अस्मिता ने खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा का जबरदस्त प्रदर्शन किया।
कौन हैं यूपी पुलिस की दरोगा अस्मिता डे?
अस्मिता डे उत्तर प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर (दरोगा) के पद पर तैनात हैं। पुलिस की कठिन नौकरी और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल की तैयारी, दोनों को साथ लेकर चलना आसान नहीं था, लेकिन अस्मिता ने अनुशासन और मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया। उनकी कहानी उन खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों और व्यस्त जीवन के बीच अपने सपनों को जिंदा रखते हैं। अस्मिता ने साबित किया कि अगर लक्ष्य मजबूत हो तो जिम्मेदारियां रास्ते की बाधा नहीं बनतीं, बल्कि सफलता की सीढ़ी बन सकती हैं। अस्मिता डे का चयन उत्तर प्रदेश पुलिस में 2021 में सब-इंस्पेक्टर (SI) पद पर हुआ था। पुलिस सेवा में आने के बाद भी उन्होंने खेल को नहीं छोड़ा। ड्यूटी के साथ-साथ उन्होंने अपनी ट्रेनिंग और प्रतियोगिताओं की तैयारी जारी रखी। पुलिस विभाग में रहते हुए खेल के प्रति उनका समर्पण लगातार बना रहा। अस्मिता डे की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि वह उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने सरकारी सेवा की जिम्मेदारियों के साथ अंतरराष्ट्रीय खेल में सफलता हासिल की है।
हर्ष सिंह ने दिलाया भारत को दूसरा जूडो गोल्ड
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय जूडो खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग के फाइनल मुकाबले में भारत के हर्ष सिंह ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। हर्ष ने खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ कैट्ज को हराकर भारत के लिए जूडो में दूसरा लगातार गोल्ड मेडल हासिल किया। फाइनल के आखिरी मिनट में हर्ष ने शानदार हाफ-आर्म थ्रो लगाकर वाजा-आरी हासिल किया और मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत की कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पदकों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है, जिसमें 5 गोल्ड, 9 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।
यामिनी मौर्य ने भी जूडो में जीता सिल्वर मेडल
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला 57 किलोग्राम जूडो स्पर्धा में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। ग्लासगो में आयोजित इस मुकाबले में यामिनी ने फाइनल तक का सफर शानदार अंदाज में तय किया, जहां उनका सामना इंग्लैंड की एसेल्या टोपरेक से हुआ। फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा और तय समय के बाद गोल्डन स्कोर राउंड तक पहुंचा, लेकिन यामिनी मामूली अंतर से गोल्ड मेडल से चूक गईं। इसके बावजूद उन्होंने सिल्वर मेडल जीतकर भारत के लिए जूडो में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की।

