नई दिल्ली. आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप का खिताब लगातार दो बार जीतने के बाद जैसा हाल भारतीय टीम का हुआ उसकी उम्मीद सपने में भी किसी फैन या क्रिकेट के जानकार ने नहीं की थी. टीम इंडिया को आयरलैंड के खिलाफ पहली बार टी20 सीरीज में हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद इंग्लैंड के दौरे पर लगातार 0-4 की शर्मनाक हार मिली. इन सबके पीछे कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की खराब रणनीति है. सूर्यकुमार यादव जैसे सीनियर खिलाड़ी जिसने बतौर कप्तान टीम को वर्ल्ड चैंपियन बनाया उससे कप्तानी छीनी और टीम से बाहर कर दिया.
जून 2026 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टी20 टीम की कप्तानी में बड़ा बदलाव करते हुए सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर को नया कप्तान बनाया. यह फैसला ना सिर्फ क्रिकेट फैंस बल्कि पूर्व क्रिकेटर और क्रिकेट पंडितों के लिए भी चौंकाने वाला था. चयनकर्ता और कोच का ये फैसला जल्दबाजी में बिना भविष्य की योजना तैयार किए लिया गया था. जिसने इसी साल मार्च में आपको वर्ल्ड चैंपियन बनाया उसको सिर्फ कप्तानी ही नहीं हटाया बल्कि टी20 टीम से ही बाहर कर दिया.

टी20 विश्व कप के बाद मार्च से मई के बीच खेले गए आईपीएल 2026 में सूर्यकुमार यादव मुंबई इंडियंस (MI) के लिए भी रन बनाने में नाकाम रहे. लगातार गिरते प्रदर्शन और बढ़ती उम्र को देखते हुए चयनकर्ताओं ने उनसे कप्तानी वापस लेकर टीम की कमान श्रेयस अय्यर को सौंप दी. 2025-26 के सीजन में सूर्यकुमार ने 22 टी20 पारी में 602 रन बनाए. इसमें उनका सर्वाधिक स्कोर नाबाद 84 रन का रहा. इसमें से 2025 में 7 मैच खेलते हुए उन्होंने सिर्फ 72 रन बनाए थे. लगातार बल्ले से रन बनाने में नाकाम होने की वजह से चयनकर्ताओं को उनको बाहर करने का मौका मिल गया.

सूर्यकुमार का शानदार कप्तानी रिकॉर्ड
जुलाई 2024 में कप्तानी संभालने के बाद सूर्यकुमार यादव की बल्लेबाजी में उतार-चढ़ाव देखने को मिला लेकिन कप्तानी लाजवाब रही. भारतीय टीम ने लगभग हर टूर्नामेंट और द्विपक्षीय सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया. सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने जुलाई 2024 से मार्च 2026 तक सभी द्विपक्षीय टी20 सीरीज अपने नाम कीं. इसके अलावा टीम ने एशिया कप 2025 और टी20 विश्व कप 2026 का खिताब भी जीता. उनकी कप्तानी में भारतीय टीम का जीत प्रतिशत 80 फीसदी से भी अधिक रहा. भारत के लिए उन्होंने कुल 52 टी20 मुकाबले में कप्तानी की जिसमें से टीम को 40 में जीत मिली और 8 मैच हारा. महेंद्र सिंह धोनी के जीत का प्रतिशत 56.94 का है. कप्तान के तौर पर टी20 में रोहित के जीत का प्रतिशत 79.03 जबकि विराट कोहली का 60 है.

ये बात बिल्कुल सही है कि सूर्यकुमार यादव के प्रदर्शन को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे. ये बात भी ध्यान देने वाली है कि उनके टी20 में कप्तानी का रिकॉर्ड पिछले सारे कप्तानों में सबसे बेहतर है. उनको चयनकर्ताओं ने एकदम से कप्तानी से हटाने का फैसला लिया, वो भी तब जब उन्होंने टीम को टी20 वर्ल्ड कप खिताब दिलाया. जानकार मानते हैं कि सूर्यकुमार यादव को अगर कप्तानी से हटाना था. विश्व चैंपियन बनने के बाद आयरलैंड और इंगलैंड सीरीज तक मौका देना था. आईसीसी ट्रॉफी जीतने के तुरंत बाद ये फैसला किसी भी लिहाज से सही नहीं है.
सूर्यकुमार यादव की जगह पर चयनकर्ताओं ने श्रेयस अय्यर को टी20 टीम का कप्तान बनाया. ये फैसला सबके लिए हैरान करने वाला था क्योंकि जिस खिलाड़ी की जगह दो साल से टीम में नहीं बनी वो अचानक कप्तान बन गया. इंडियन प्रीमियर लीग और घरेलू क्रिकेट में किए प्रदर्शन को चयनकर्ताओं ने पैमाना बनाया. उनकी सोच कही थी लेकिन फैसला लेने का आधार गलत. एक खिलाड़ी जो दो साल से बाहर बैठा को उसे सीधा कप्तान बना दिया. क्रिकेट जानकार मानते हैं कि श्रेयस को पहले टीम में शामिल करना था फिर कुछ मैच में उनका प्रदर्शन देखते. उनके सूर्यकुमार के उत्तराधिकारी के तौर पर तैयार करते टीम में ये सहमति पैदा करते. ऐसा कुछ नहीं किया गया चयनकर्ताओं ने अपना फैसला सुनाया और बाहर बैठे खिलाड़ी को सीधा टीम की कमान सौंप दी.

भारतीय टीम के टी20 कप्तान पर जल्दबाजी में चयनकर्ताओं को फैसला लेना महंगा पड़ा. आईपीएल में कप्तानी करना और इंटरनेशनल क्रिकेट में टीम की कमान संभालने अलग अलग अनुभव है. आयरलैंड जैसी कमतर आंकी जा रही टीम के खिलाफ श्रेयस अय्यर को शर्मनाक हार मिली. पहली बार टी20 मैच जीतने वाली आयरिश टीम ने क्लीन स्वीप कर इतिहास रच दिया. इसके बाद इंग्लैंड दौरे पर भी यही हार हुआ. 5 टी20 मुकाबला खेलने उतरी टीम को 0-4 की हार मिली. पहला मैच बारिश की वजह से धुल गया था वर्ना इंग्लैंड ने भी क्लीन स्वीप कर दिया था. बिना इंटरनेशनल कप्तानी के अनुभव के चयनकर्ताओं का फैसला गलत साबित हुआ. श्रेयस अपने टी20 कप्तानी के शुरुआती 7 में से 6 मैच हार चुके हैं.

