Industrial output Growth June 2026: देश में जून महीने में देश के मशीनों की रफ्तार सबसे तेज रही। बीते माह औद्योगिक उत्पादन में जबरदस्त तेजी देखी गई। सरकार द्वारा खर्च बढ़ाने और बिजली उत्पादन में लगातार वृद्धि से जून में भारत के औद्योगिक उत्पादन में 7.3% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। जुलाई 2024 के बाद ओद्योगिक उत्पादन जून 2026 में सबसे तेजी से बढ़ा है।
अनुमान से ज्यादा बढ़ोतरी
IDFC फर्स्ट बैंक के चीफ इकोनॉमिस्ट गौरा सेन गुप्ता ने कहा, ”अनुमान से कहीं ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई है। खपत में लगातार बढ़ोतरी से हम इसमें तेजी बरकरार रहने की उम्मीद करते हैं।” केंद्र सरकार ने मई में, फैक्टरी आउटपुट की गणना के लिए थोक कीमतों के बजाय उत्पादक कीमतों का इस्तेमाल करना शुरू किया था।
अहम आंकड़े
- जून में मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट सालाना आधार पर 7.8% बढ़ा, जबकि मई में यह ग्रोथ 5.2% (संशोधित) थी।
- जून में बिजली उत्पादन सालाना आधार पर 10.6% बढ़ा, जबकि इसके एक महीने पहल यह ग्रोथ 10.3% (संशोधित) थी।
- जून में खनन गतिविधियां सालाना आधार पर 1% बढ़ीं, जबकि मई में यह ग्रोथ 1.4% (संशोधित) थी।
- कार और फोन सहित कंज्यूमर ड्यूरेबल्स का उत्पादन सालाना आधार पर 7.7% बढ़ा, जबकि मई में यह ग्रोथ 8% (संशोधित) थी।
- पूंजीगत वस्तु उत्पादों का उत्पादन सालाना आधार पर 14.2% बढ़ा, जबकि मई में यह ग्रोथ 15.5% (संशोधित) थी।
अप्रैल-जून की अवधि में औद्योगिक उत्पादन में 5.8% की वृद्धि दर्ज की गई, जो इसके पिछले साल की समान अवधि में 3.4% थी।
23 में से 19 में वृद्धि
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की बात करें, तो जून महीने में 23 उद्योगों में से 19 के उत्पादन में वृद्धि दर्ज की गई। इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट उद्योग में सबसे ज्यादा 34% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। व्हीकल, ट्रेलर और सेमी-ट्रेलर के उत्पादन में 17.5%, टेक्सटाइल्स में 13.7%, बीवरेज में 12.5% और खाद्य उत्पादों के उत्पादन में 10.8% की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई।
वैश्विक अनिश्चितता है जोखिम
केयर एज रेटिंग के चीफ इकोनॉमिस्ट रजनी सिन्हा ने कहा कि वैश्विक माहौल में अनिश्चितता की वजह से बढ़ा उत्पादन खर्च, औद्योगिक सेक्टर के लिए लगातार जोखिम बना रहेगा। साथ ही, मॉनसून में कमी का इस पर भी असर पड़ेगा।

