Maharashtra Politics, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: लोकसभा और राज्यसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का कुनबा बढ़ाने की कोशिशों के बीच महाराष्ट्र की राजनीति में भी इन दिनों हलचल है। बीते दिनों के घटनाक्रमों को देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि शरद पवार की एनसीसी (एसपी) का एनडीए में विलय हो सकता है।
विलय के प्रयासों में भारतीय जनता पार्टी
हालांकि एनसीपी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार और उनके बेटे व राज्यसभा सांसद पार्थ पवार नहीं चाहते हैं कि एनसीपी और एनसीपी (एसपी) का मर्जर हो जाए और एनडीए को उनका समर्थन मिल जाए। बता दें कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एनसीसी (एसपी) और एनसीपी के विलय के प्रयासों में जुटी हुई है। सुनेत्रा व पार्थ पवार इसलिए मर्जर से सहमत नहीं हैं, क्योंकि वे नहीं चाहते हैं कि दोबारा शरद पवार व सुप्रिया सुले को पार्टी की कमान मिले।
विपक्षी गठबंधन में शामिल है एनसीपी (एसपी)
अभी एनसीपी (एसपी) विपक्षी गठबंधन में शामिल है और एनसीपी एनडीए का हिस्सा है। सुनेत्रा के एक करीबी के अनुसार एनसीपी के कुछ नेता दोनों पार्टियों के एक होने से रजामंद हैं। वहीं सुनेत्रा और पार्थ शुरू से दोनों दलों के विलय से का विरोध करते रहे हैं। इसी सप्ताह गुरुवार शाम को पार्थ पवार ने सीएम देवेंद्र फडणवीस से भी भेंट की थी।
सदस्य संख्या बढ़ाने के प्रयास कर रही भाजपा
भाजपा लोकसभा और राज्यसभा में लगातार अपने सदस्यों की संख्या बढ़ाने के प्रयास कर रही है। महाराष्टÑ में भी वह शरद पवार की एनसीपी (एसपी) और एनसीपी को एक करने में जुटी है ताकि दोनों के विलय से एनडीए का कुनबा बढ़ जाए। हालांकि एनसीपी प्रमुख सुनेत्रा पवार और उनके सांसद बेटे पार्थ पवार विलय के खिलाफ हैं।
शिवसेना गुट से हाथ मिलाना चाहते हैं शरद
रानीतिक हलकों में चर्चा है कि शरद पवार एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट से हाथ मिलाना चाहते हैं और सामने आ रही रिपोर्टों के अनुसार उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल को वित्त मंत्रालय दिया जा सकता है। बता दें कि पहले यह महत्वपूर्ण मंत्रालय राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दिवंगत नेता अजीत पवार के पास था। नए कदम से राज्य सरकार में सत्ता का संतुलन पूरी तरह चेंज हो सकता है।
जयंत पाटिल गुरुवार को सीएम फडणवीस से की थी मुलाकात
जयंत पाटिल और पार्टी के वरिष्ठ नेता जितेंद्र आव्हाड ने गुरुवार को सीएम फडणवीस से मुलाकात की थी। उनकी इस मुलाकात को राजनीतिक विश्लेषक खास मान रहे हैं, क्योंकि ये दोनों ही नेता ठाणे जिले से आते हैं और पारंपरिक तौर पर एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे हैं। इस बीच पार्थ ने एक बैठक में कह कि एनसीपी नेता और सीमए के बीच जो भी चल रहा है, इसकी जानकारी देनी चाहिए। हालांकि फडणवीस ने कोई जानकारी देने से इनकार कर कहा कि सुनेत्रा पवार से बात हो जाएगी। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसर अगर एनसीपी (एसपी) व एनसीपी का मर्जर होता है तो सुनेत्रा शर्त रखेंगी कि उन्हें डिप्टी सीएम के पद पर बरकरार रखा जाए तथा पार्टी की कमान भी उनके हाथों में ही रहे।
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