कहा- अमेरिकी रक्षा कंपनियां हमारे देश के इतिहास में सबसे ज्यादा प्लांट और फैक्ट्रियां लगा रही हैं।
US Iran War, (द भारत ख़बर), वॉशिंगटन डीसी/तेहरान/तेल अवीव: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिका के पास पर्याप्त गोला-बारूद मौजूद है और जरूरत के मुताबिक नए हथियार भी तेजी से तैयार किए जा रहे हैं। ट्रंप ने गुरुवार को ट्रुथ सोशल पर लिखा, अमेरिका के पास कुछ खास तरह के गोला-बारूद बहुत ज्यादा मात्रा में हैं। इसके अलावा, जरूरत के हिसाब से बड़ी मात्रा में इसका निर्माण भी जारी है। अमेरिकी रक्षा कंपनियां हमारे देश के इतिहास में सबसे ज्यादा प्लांट और फैक्ट्रियां लगा रही हैं।
इससे अमेरिका की रक्षा उत्पादन क्षमता और मजबूत होगी। अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए सख्त अंदाज में उन्होंने कहा कि यूएस के खिलाफ ऐसी खबरें फैलाने वालों की पहचान की जा रही है। उन्हें जेल की सजा मिलेगी। हालांकि, ट्रम्प ने यह नहीं बताया कि वह किस सीक्रेट जानकारी लीक का जिक्र कर रहे हैं। दरअसल, कुछ अखबारों में मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से दावा किया गया है कि अमेरिकी सेना के पास हथियार तेजी से खत्म होते जा रहे हैं।
होर्मुज में टोल लगा तो महंगाई बढ़ेंगी
उधर, दुनिया के 8 बड़े शिपिंग ग्रुप्स ने संयुक्त राष्ट्र और इंटरनेशनल मैरीटाइम आॅगेर्नाइजेशन से अपील की है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल या सर्विस फीस लगाने का विरोध किया जाए। ग्रुप्स का कहना है कि अगर ऐसा हुआ तो शिपिंग महंगी हो जाएगी, ऊर्जा की कीमतें बढ़ेंगी और दुनियाभर में महंगाई पर असर पड़ेगा।
एक बार यह व्यवस्था लागू हुई तो दूसरे समुद्री रास्तों पर भी ऐसे शुल्क लगाए जा सकते हैं। सोमवार को ईरान ने कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट खुलने के बाद ओमान के साथ मिलकर जहाजों को दी जाने वाली कुछ समुद्री सेवाओं के बदले शुल्क वसूला जाएगा। वहीं, अमेरिका पहले ही साफ कर चुका है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर किसी एक देश का नियंत्रण या शुल्क वसूलना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है।
ईरानी सेना बोली- हर खतरे से निपटने को तैयार
वहीं, ईरानी सेना ने कहा है कि वह किसी भी संभावित खतरे का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अमीर अकरामिनिया ने कहा कि सेना लगातार अपनी आॅपरेशनल क्षमता बढ़ाने पर काम कर रही है।
इसके लिए क्षतिग्रस्त सिस्टम को आधुनिक बनाया जा रहा है और घरेलू तकनीक के आधार पर नए सैन्य उपकरण शामिल किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई सैन्य सामग्री मिलने के साथ ही सेना अपने हथियारों और उपकरणों की तैनाती भी जरूरत के मुताबिक बदल रही है, ताकि किसी भी चुनौती का तुरंत जवाब दिया जा सके।
वेंस बोले- ईरान से बातचीत आसान नहीं
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत लंबी और मुश्किल होगी। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में वेंस ने कहा कि ईरान के कुछ गुट युद्ध खत्म करना चाहते हैं, जबकि कुछ कट्टरपंथी गुट संघर्ष जारी रखने के पक्ष में हैं। ऐसे में अमेरिका को सैन्य, आर्थिक और कूटनीतिक स्तर पर संतुलित रणनीति अपनानी होगी।
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