मरने वालों में 4 पुलिसकर्मी भी शामिल, 70 से ज्यादा लोग घायल
PoK Violence, (द भारत ख़बर), मुज्जफराबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पों के होने का मामला प्रकाश में आया है। इन हिंसक झड़पों में 11 लोगों की मौत हुई, जबकि 70 से ज्यादा लोग घायल हो गए। मरने वालों में 4 पुलिसकर्मी भी शामिल है।
23 सुरक्षाकर्मी और करीब 50 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। पुलिस ने इस मामले में अब तक 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक यह हिंसा जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी और क्षेत्रीय सरकार के बीच चल रहे विवाद के दौरान हुई।
विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों को लेकर विवाद
पीओके में जेएएसी और सरकार के बीच विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों को लेकर विवाद चल रहा है। ये सीटें उन शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं जो जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बसे थे। जेएएसी इन सीटों को खत्म करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है। वहीं, सरकार ने 5 जून को जेएएसी पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद से इलाके में तनाव लगातार बढ़ रहा है।
पुलिस फायरिंग में हुई थी जेएएसी के कार्यकर्ता की मौत
रविवार को जेएएसी के कार्यकर्ता संगठन के एक सदस्य की मौत के विरोध में अस्पताल के शवगृह के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। सदस्य की मौत कथित तौर पर पुलिस फायरिंग में हुई थी। पुलिस जब प्रदर्शनकारियों को हटाने पहुंची, तभी झड़प शुरू हो गई और हिंसा फैल गई।
प्रदर्शनकारियों की गोलीबारी में चार पुलिसकर्मियों की हुई मौत
रावलकोट के कमिश्नर सरदार वहीद खान ने रॉयटर्स से कहा कि प्रदर्शनकारियों की गोलीबारी में चार पुलिसकर्मियों और एक राहगीर की मौत हुई। उन्होंने दावा किया कि इसके जवाब में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में छह प्रदर्शनकारी मारे गए।
जेएएसी से जुड़े लोगों ने सुरक्षाकर्मियों पर शॉटगन और अन्य हथियारों से हमला किया
पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक पुलिस का आरोप है कि जेएएसी से जुड़े लोगों ने सुरक्षाकर्मियों पर शॉटगन और अन्य हथियारों से हमला किया। पुलिस ने घटना को आतंकवादी कार्रवाई करार देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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