नई दिल्ली. अपने देश के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में खेलने का सपना हर एक युवा का होता है. चयनकर्ताओं की नजर कम उम्र में पड़ जाए तो अच्छा वरना यह सपना पूरा करने में लंबा समय लग जाता है. इसका उदाहरण सारांश जैन है. 33 साल की उम्र में उनको भारतीय टीम की तरफ से टेस्ट डेब्यू का मौका मिला है. कोलंबो में कुलदीप यादव के फिट ना होने के बाद इस खिलाड़ी को भारत की तरफ से पहला टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला. रवींद्र जडेजा के हाथों से डेब्यू कैप दिया गया.
सारांश जैन के इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू का कहानी एक जिद और लगातार मेहनत की कहानी है. मध्य प्रदेश की तरफ से घरेलू क्रिकेट में बॉल और बल्ले से लगातार अच्छा प्रदर्शन करने का इनाम उनको चयनकर्ताओं ने दिया. टीम में सलेक्शन हुआ और अब वो श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में डेब्यू कर रहे हैं.
The feeling of making your Test Debut ✨#TeamIndia all-rounder Ravindra Jadeja presents the Test cap to Saransh Jain 👏👏
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— BCCI (@BCCI) August 23, 2026
सारांश जैन का जन्म 31 मार्च 1993 को इंदौर, मध्य प्रदेश में हुआ.घरेलू क्रिकेट में इस खिलाड़ी ने अपने ऑलराउंड खेल से चयनकर्ताओं को लगातार प्रभावित किया. सारांश बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं जबकि दाएं हाथ से ऑफ स्पिन गेंदबाजी करते हैं. पिछले कुछ महीनों में उन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से काफी अच्छा प्रदर्शन किया है. ना सिर्फ यह खिलाड़ी अपनी स्पिन से विकेट चटकाने में माहिर है बल्कि नीचले क्रम में मुश्किल में आकर रन बनाने का भी हुनर है.

श्रीलंका के खिलाफ डेब्यू का मौका हासिल करने वाले सारांश के पिता सुबोध जैन भी क्रिकेटर रहे हैं. वह मध्य प्रदेश की ओर से रणजी ट्रॉफी में खेल चुके हैं. पिता भी एक दाएं हाथ के ऑफ स्पिनर थे. हालांकि उनको घरेलू क्रिकेट में ज्यादा खेलने का मौका नहीं मिला लेकिन इस नाम से सभी वाकिफ हैं. उन्होंने मध्य प्रदेश के लिए नौ रणजी मुकाबले खेले थे. सारांश को एक बेहतर खिलाड़ी बनाने के लिए पिता ने काफी मेहनत की है. यहां तक की अपने कैंसर होने तक की खबर सारांश से छुपाई. जब सारांश ऑस्ट्रेलिया में खेल रहे थे उस समय उनके पिता की कैंसर की सर्जरी हुई थी.जब वो लौटकर आए तो कहा कि तुम खेल पर ध्यान दो बाकी किसी बात की चिंता मत करो.
मध्य प्रदेश के लिए साल 2014 में सारांश ने रणजी ट्रॉफी डेब्यू किया. उन्होंने अपने ऑलराउंडर खेल से 2021-22 के सीजन में मध्य प्रदेश को ऐतिहासिक खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई. सारांश ने नॉकआउट मुकाबलों में 13 विकेट चटकाए थे. इसके अलावा मुंबई के खिलाफ खेले गए फाइनल मैच में 57 रन की शानदार पारी खेली. साल 2022-23 के रणजी सीजन में इस खिलाड़ी गेंद और बल्ले दोनों से धमाका किया. उन्होंने सीजन में कुल 360 रन और 35 विकेट भी अपने नाम किए. उन्हें टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर का लाला अमरनाथ अवॉर्ड भी मिला. इतना ही नहीं सारांश जैन को 2025 दलीप ट्रॉफी में प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया था. सेंट्रल जोन की तरफ से खेलते हुए उन्होंने कुल 16 विकेट हासिल किए.
सारांश जैन ने भारत की तरफ से डेब्यू का मौका हासिल करने से पहले 54 फर्स्ट-क्लास मैचों खेले. इसमें उन्होंने 2223 रन बनाए. वहीं कुल 188 विकेट भी चटकाए. हालिया रणजी ट्रॉफी सीजन में इस खिलाड़ी ने 518 रन बनाने के साथ 30 विकेट भी चटकाए. उनको सीरीज से पहले इंडिया ए टीम में चुना गया था और श्रीलंका दौरे पर भी खेले गए अनऑफिशियल टेस्ट में नाबाद 70 रन की पारी खेली थी. इसके साथ ही उन्होंने 6 विकेट भी हासिल किया.

